प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारम्भ |


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2018 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन में आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उल्लेख किया था, उसकी औपचारिक शुभारम्भ उन्होंने 23 सितम्बर, 2018 को राँची के प्रभात तारा मैदान में एक समारोह में की. सरकारी वित्त से संचालित विश्व की इस सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) नाम दिया गया है. प्रभावी रूप से यह 25 सितम्बर, 2018 को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से शुरू की गई है,
इस योजना के तहत् 10.74 करोड़ लक्षित परिवार लाभान्वित होंगे. प्रत्येक परिवार में सदस्यों की संख्या औसतन पाँच मानते हुए इससे लाभान्वित होने वालों की संख्या 50 करोड़ मानी जा रही है. प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक का चिकित्सकीय लाभ पंजीकृत अस्पतालों में प्रतिवर्ष इसके तहत उपलब्ध हो सकेगा तथा इसके लिए कोई भी मूल्य । लाभार्थियों को नहीं चुकाना होगा. योजना के लिए पंजीकृत अस्पतालों में सरकारी व निजी दोनों ही क्षेत्रों के अस्पताल शामिल हैं,
15 हजार अस्पताल इस योजना से जोड़े जाएंगे, जिनमें लगभग 13 हजार अस्पतालों को योजना से जोड़ा जा चुका है.
* इस योजना पर होने वाले खर्च को केन्द्र व राज्य सरकारें 60 : 40 के अनुपात में वहन करेंगी. चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में केन्द्र सरकार पर हैं 3,500 करोड़ का भार पड़ने का अनुमान लगाया गया है. 2018-19 के केन्द्रीय बजट में इसके लिए प्रतीकात्मक रूप से 2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया था,
* दिल्ली, ओडिशा, प. बंगाल, पंजाब व तेलंगाना अभी इसमें शामिल नहीं हुए हैं।
* इस योजना में लाभार्थियों का चयन सम्प्रदाय, जाति व ऊंच नीच के आधार पर नहीं होगा. 2017 की सामाजिक आर्थिक व जातीय जनगणना में निर्धन के तौर पर चिह्नित किए गए सभी लोगों को इसके लिए पात्र माना गया है.
* ग्रामीण क्षेत्रों में वंचना (Deprivation) की श्रेणियों (डी-1, डी-2, डी 3, डी-4, डी-5, डी 6 व डी-7) के आधार पर जहाँ लाभार्थियों की पहचान की गई है, वहीं शहरी क्षेत्रों में ।। पेशेवर मापदंड पात्रता के आधार माने गए हैं।
* उपर्युक्त आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों के 8-03 करोड़ व शहरों के 2.33 परिवार लाभार्थियों के दायरे में हैं. वर्ष 2008 में यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में आए लोग भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभ हेतु पात्र होंगे. इस प्रकार कुल मिलाकर 10-74 करोड़ परिवारों के इस योजना से लाभान्वित होने का अनुमान है.

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