भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चन्द्रमा के लिए अपने दूसरे मिशन चन्द्रयान-2 के प्रक्षेपण को एक बार पुनः स्थगित कर दिया है.
यह प्रक्षेपण अब जुलाई 2019 में सम्भावित है यह छठा अवसर है, जब चन्द्रयान-2 का प्रक्षेपण स्थगित किया गया है. इससे पूर्व यह प्रक्षेपण अप्रैल 2019 में प्रस्तावित था, परीक्षणों के दौरान इस मिशन के लैंडर (Lander) विक्रम' के मामूली क्षतिग्रस्त होने पर इसके प्रक्षेपण को टालने का निर्णय इसरो द्वारा किया गया है. इसके अतिरिक्त अप्रैल 2019 के प्रारम्भ में इजरायल का एक स्पेस क्राफ्ट चन्द्रमा पर लेड करने से पहले दुर्घटना का शिकार हुआ था तथा चन्द्रमा की सतह पर क्रैश हो गया था.
इसे देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाने की नीति अपनाते हुए चन्द्रयान-2 का प्रक्षेपण स्थगित करने का निर्णय इसरो द्वारा लिया गया है, चन्द्रयान-2 चन्द्रमा पर भेजा जाने वाला भारत का दूसरा मिशन है, पहले मिशन के तहत् चन्द्रयान-1 का प्रक्षेपण अक्टूबर 2008 में किया गया था, चन्द्रयान-2 उस पहले संस्करण की तुलना में काफी अधिक उन्नत मिशन है, चन्द्रयान-1 ने चन्द्रमा की कक्षा में रहते हुए उसकी परिक्रमा ही की थी, जबकि चन्द्रयान-2 मिशन में ऑर्बिटर के साथ-साथ लैंडर व रोवर भी शामिल है.
इसका स्पेस क्राफ्ट (ऑर्बिटर) चन्द्रमा की परिक्रमा करते हुए आँकड़ों का सम्प्रेषण जहाँ करेगा, वहीं लैंडर के जरिए उसके रोवर को चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतारा जाएगा. 6 पहियों वाला रोवर चन्द्रमा की सतह पर घूम-घूम कर इस उपग्रह की मिट्टी के नमूने एकत्र करेगा.

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