10 सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा

10 सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 30 अगस्त, 2019 को सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों के विलय की घोषणा की.
ये 10 बैंक विलय के पश्चात् चार बैंक हो जाएंगे.
बैंकों के विलय की यह घोषणा अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है. बैंकों के विलय के पश्चात् सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 18 से घटकर 12 रह जाएगी. घोषणा के अनुसार ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक में होगा. विलय के पश्चात् पंजाब नेशनल बैंक सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा. साथ ही यह देश में सबसे अधिक शाखाओं वाला सबसे बड़ा बैंक होगा. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में कॉर्पोरेशन बैंक तथा आंध्रा बैंक का विलय होगा. इसके पश्चात् यूनियन बैंक ऑफ इंडिया देश का पाँचवाँ सबसे बड़ा बैंक हो जाएगा. इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में होगा. विलय के पश्चात् यह देश का सातवाँ सबसे बड़ा बैंक होगा, केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय किया जाएगा. विलय के पश्चात् केनरा बैंक देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक होगा.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंकों का विलय कर एकीकरण किया गया था. देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय 1 अप्रैल, 2019 से प्रभावी हुआ, वर्तमान में बैंक ऑफ बड़ौदा सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है.

विलय के मुख्य प्रभाव-

  • बैंकों का विलय करने से बैंकों के कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी और उनकी बैलेंस शीट मजबूत होगी.
  • देश के बड़े सार्वजनिक बैंक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता करने में सक्षम होंगे. देश की बैंकिंग प्रणाली भारतीय अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने में योगदान देगी.