मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019।

मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019।
पृष्ठभूमि -
  • सड़क परिवहन, माल एवं यात्री दोनों संदर्भो में, परिवहन के सर्वाधिक किफायती तथा पसंदीदा साधनों में से एक है।
  • भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सड़क परिवहन क्षेत्र का हिस्सा लगभग 4.5 प्रतिशत है।
  • सड़क परिवहन क्षेत्र देश में 87 प्रतिशत यात्री यातायात तथा 60 प्रतिशत माल यातायात गतिविधियों के लिए उत्तरदायी है।
  • केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रदत्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 में भारत में 4,64,910 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1,47,913 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई।
  • उल्लेखनीय है कि भारत सड़क सुरक्षा पर ब्रासीलिया घोषणा (Brasilia Declaration on Road Safety) का हस्ताक्षरकर्ता है।
  • इसके तहत (ब्रासीलिया घोषणा) भारत ने वर्ष 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं एवं इससे होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत तक की कमी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • भारत सरकार ने भारत में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों को मजबूत करने हेतु मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 को पिछली लोक सभा (16वीं लोक सभा) में भी प्रस्तुत किया था, किंतु सदन का कार्यकाल समाप्त होने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका था।

वर्तमान परिदृश्य -
  • 23 जुलाई, 2019 को लोक सभा द्वारा मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया गया।
  • राज्य सभा द्वारा इस विधेयक को 31 जुलाई, 2019 को पारित किया गया।
  • 9अगस्त, 2019 को इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त हो गई।
  • मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रावधान 1 सितंबर, 2019 से प्रभावी हुए।
  • इस अधिनियम में सड़क सुरक्षा को लेकर बहुत सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि को कई गुना तक बढ़ाया गया है।
  • ध्यातव्य है कि इससे पूर्व मोटर वाहन और सड़क सुरक्षा को लेकर मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act), 1988 अस्तित्व में था।

संशोधन अधिनियम के प्रावधान -
  • संशोधन अधिनियम के तहत नशे में गाड़ी चलाने पर न्यूनतम जुर्माने को 2000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।
  • बिना सीट बेल्ट पहने गाड़ी चलाने पर पूर्व के 100 रुपये के मुकाबले अब 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
  • इसके अलावा तय सीमा से अधिक गति से गाड़ी चलाने (Over Speeding) पर 400 रुपये के स्थान पर 1000 (LMV के लिए) से 2000 रुपये (MPV के लिए) तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • संशोधन अधिनियम में खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने पर जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है।
  • नवीनतम संशोधन के तहत बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 5000 रुपये का जुर्माना देना होगा, जो अभी तक 500 रुपये था।
  • नए संशोधन के तहत यदि किसी नाबालिग द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होता है, तो उसके अभिभावक (Parents) को जिम्मेदार माना जाएगा। इसके साथ ही नाबालिग पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मुकदमा चलेगा और वाहन का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।
  • हिट एंड रन (Hit and Run) के मामलों में सरकार मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की राहत राशि प्रदान करेगी, जो अभी तक केवल 25,000 रुपये थी।
  • इस अधिनियम में आपातकालीन सेवा वाले वाहनों को रास्ता नहीं देने पर 10,000 रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
  • इसके अतिरिक्त मोटर वाहन दुर्घटना कोष (Motor Vehicle Accident fund) भी बनाया जाएगा, जो देश के सभी सड़क उपयोगकर्ताओं (Road Users) को बीमा सुरक्षा प्रदान करेगा।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य -
  • गौरतलब है कि नए कानून के तहत, 'गोल्डेन ऑवर' का विचार दिया गया है।
  • गोल्डेन ऑवर का अभिप्राय, किसी व्यक्ति को सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के बाद से अगले एक घंटे तक के समय से है, जब तुरंत चिकित्सकीय सहायता के माध्यम से उस व्यक्ति की जान बचाए जाने की संभावना सर्वाधिक होती है।
  • संशोधन अधिनियम में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डेन ऑवर के दौरान नकद-रहित उपचार प्रदान करने की योजना प्रारंभ करने का प्रावधान किया गया है।
  • ध्यातव्य है कि यातायात एवं परिवहन व्यवस्था राज्यों का विषय है, इसलिए नए कानून को लागू करना राज्यों की इच्छा पर निर्भर है।
अपराध एवं जुर्माने का प्रावधान -

अपराध
जुर्माना पहले (रुपए में)
जुर्माना अब (रुपए में)
सीट बेल्ट नहीं पहनने पर
100
1000
दुपहिया वाहनों पर 2 से ज्यादा सवारी 
100
1000
हेलमेट नहीं पहनने पर
100
1000 एवं तीन महीने के लिये लाइसेंस निलंबित
इमरजेंसी वाहनों को रास्ता नहीं देने पर
0
10,000
बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर
500
5,000
ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने के बावजूद ड्राइविंग करने पर
500
10,000
ओवरस्पीड
400
2000
खतरनाक ड्राइविंग करने पर
1000
5,000
शराब पीकर वाहन चलाने पर
2000
10,000
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन पर बात करने पर
1000
5,000
बिना परमिट पाए जाने पर
5,000
10,000
गाडि़यों की ओवरलोडिंग पर
2000 और उसके बाद प्रति टन 1000
20000 और उसके बाद प्रति टन 2000
बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने पर
1000
2000
नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर
0
25000 और 3 साल की सज़ा, वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द और गाड़ी के मालिक तथा नाबालिग के अभिभावक दोषी माने जाएंगे, नाबालिग को 25 साल की उम्र तक लाइसेंस नहीं