वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स, 2019।

पृष्ठभूमि -
वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स (World Population Prospects) का प्रकाशन संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामले विभाग (Department of Economic and Social Affairs) के जनसंख्या प्रभाग (Population Division) द्वारा प्रत्येक दो वर्ष पर किया जाता है। यह रिपोर्ट वैश्विक जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों और भावी संभावनाओं का व्यापक विवरण प्रदान करती है।

  • इस रिपोर्ट का प्रकाशन वर्ष 1951 से किया जा रहा है।

वर्तमान संदर्भ -
  • 17 जून, 2019 को 'वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स, 2019' नामक रिपोर्ट प्रकाशित की गई।
  • यह वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स शृंखला की 26वीं रिपोर्ट है।
  • इस रिपोर्ट में वर्ष 1950 से लेकर अब तक की अवधि के दौरान 235 देशों/क्षेत्रों के जनसंख्या संबंधी आकलनों (Population Estimates) को प्रस्तुत किया गया है।
  • साथ ही, इस रिपोर्ट में वर्ष 2020-2100 की अवधि के दौरान जनसंख्या संबंधी प्रक्षेपण (Population Projections) भी शामिल किए गए हैं।

रिपोर्ट की खास बातें -
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 में विश्व की जनसंख्या 7.7 विलियन है, जिसके वर्ष 2030 तक बढ़कर 8.5 बिलियन (10% की वृद्धि) हो जाने की संभावना है।
  • वैश्विक जनसंख्या के वर्ष 2050 तक 9.7 बिलियन (26% की वृन्दि) तथा वर्ष 2100 तक 10.9 बिलियन (42% की वृद्धि) हो जाने की संभावना है।
  • वर्ष 2020 से 2050 के मध्य होने वाली जनसंख्या वृद्धि में आधे से अधिक जनसंख्या वृद्धि जिन नौ देशों में अनुमानित है, वे हैं- भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया, तंजानिया, इंडोनेशिया, मिस्र और अमेरिका।
  • इन देशों में सर्वाधिक जनसंख्या वृद्धि भारत में एवं सबसे कम जनसंख्या वृद्धि अमेरिका में अनुमानित है।

वर्ष 2019 और 2050 के बीच विभिन्न क्षेत्रों की अनुमानित जनसंख्या वृद्धि दर
क्षेत्र
जनसंख्या वृद्धि दर
उपसहारा- अफ्रीका
99%
ओशिनिया (ऑस्ट्रेलिया/न्यूजीलैंड को छोड़कर)
56%
उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया
46%
ऑस्ट्रेलिया / न्यूजीलैंड
28%
मध्य और दक्षिण एशिया
25%
लैटिन अमेरिका और कैरेबियन
18%
पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया
3%
यूरोप और उत्तरी अमेरिका
2%











वैश्विक प्रजनन दर -
  • वैश्विक प्रजनन दर (Global Fertility Rate) में लगातार गिरावट की प्रवृत्ति देखी गई है।
  • वर्ष 1990 में वैश्विक प्रजनन दर 3.2 प्रति महिला थी, जो कम होकर वर्ष 2019 में 2.5 जन्म प्रति महिला हो गई है।
  • वर्ष 2050 तक वैश्विक प्रजनन दर के घटकर 2.2 तक पहुंचने का अनुमान है।

जीवन प्रत्याशा -
  • वर्ष 1990 के मुकाबले वर्ष 2019 में जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy at Birth) 64.2 वर्ष से बढ़कर 72.6 वर्ष हो गई है, जिसके वर्ष 2050 तक बढ़कर 77.1 वर्ष हो जाने का अनुमान है।
  • उच्च बाल और मातृ मृत्यु दर तथा हिंसा, संघर्ष और एचआईवी जैसी महामारी के चलते विश्व के सबसे गरीब देशों में जीवन प्रत्याशा औसत वैश्विक स्तर से 7.4 वर्ष कम है।
  • वैश्विक जनसंख्या में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की आबादी में हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
  • ऐसा अनुमान है कि वर्ष 2050 तक विश्व में प्रत्येक 6 में से एक व्यक्ति (16%) 65 वर्ष से अधिक आयु का होगा।
  • वर्ष 2018 में, इतिहास में यह प्रथम अवसर रहा, जब विश्व में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की संख्या, पांच वर्ष या उससे कम आयु के बच्चों की संख्या से अधिक दर्ज की गई।

रिपोर्ट में भारत -
  • ऐसा अनुमान है, कि वर्ष 2027 तक भारत, चीन को पीछे छोड़कर विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा।
  • वर्ष 2019 एवं 2050 के मध्य, भारत की जनसंख्या में 273 मिलियन की वृद्धि अनुमानित है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में, चीन की जनसंख्या 1.43 बिलियन (वैश्विक जनसंख्या का 19%) तथा भारत की जनसंख्या 1.37 बिलियन (वैश्विक जनसंख्या का 18%) है।
  • ऐसा अनुमान है कि इस शताब्दी के अंत तक भी भारत लगभग 1.5 बिलियन जनसंख्या के साथ विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बना रहेगा।