'गाफा टैक्स' (GAFA Tax)।

वर्तमान संदर्भ -
  • जुलाई, 2019 में फ्रांस की संसद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों पर एक नया डिजिटल कर 'गाफा टैक्स' (GAFA Tax) लगाने के लिए एक कानून पारित किया गया
क्या है गाफा टैक्स?
  • गाफा टैक्स में ' गाफा' (GAFA) शब्द गूगल, एप्पल, फेसबुक और अमेजॉन कंपनियों के नामों के प्रथम अक्षरों से निर्मित है।
  • यह टैक्स भूतकालिक प्रभाव अर्थात 1 जनवरी, 2019 से फ्रांस में इन डिजिटल कंपनियों द्वारा अर्जित किए गए उनके डिजिटल टर्नओवर पर लगेगा।
  • प्रस्तावित कानून के अंतर्गत ऐसी डिजिटल कंपनियां, जो एक वर्ष के दौरान वैश्विक स्तर पर डिजिटल सेवाओं के माध्यम से 750 मिलियन यूरो से अधिक एवं जो फ्रांस में 25 मिलियन यूरो से अधिक का राजस्व अर्जित करती हैं, उन कंपनियों से कुल राजस्व का 3 प्रतिशत कर के रूप में वसूला जाएगा।
टैक्स लगाने का कारण -
  • फ्रांस सरकार का मानना है कि उपर्युक्त कर के दायरे में आने वाली कंपनियां या तो बहुत कम कर देती हैं या फिर कर देती ही नहीं हैं।
  • वैश्विक तकनीकी कंपनियों पर कर से बचने के तरीके खोजने का आरोप भी लगाया गया है। ऐसा माना जाता है कि ये कंपनियां अपना अधिकांश कर ऐसे देशों में अदा करती हैं, जहां उनके मुख्यालय हैं, न कि वहां जहां ये बिक्री या सेवा के माध्यम से राजस्व की उगाही करती है।
  • प्रायः ऐसा देखा गया है कि यूरोप में आयरलैंड एवं लक्जमबर्ग के साथ अमेजॉन जैसी बड़ी कंपनियों का कर-मुक्त अनुबंध है।
  • इसका लाभ उठाते हुए ये कंपनियां इन देशों में स्थित अपने कार्यालय में, जहां बहुत ही कम कर दर है, अधिकांश कर का भुगतान कर देती हैं।
  • ये कंपनियां फ्रांस या यूके जैसे देशों में बहुत ही कम कर चुकाती हैं, जबकि इनके अधिकांश ग्राहक इन्हीं देशों से हैं
लक्ष्य -
  • फ्रांस सरकार द्वारा इस कर को लगाने के दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं-
(1) फ्रांस में एक निष्पक्ष कर वातावरण का निर्माण करना।
(2) फ्रांस में सार्वजनिक सेवाजों के वित्तीयन हेतु डेटा पर करारोपण करना।
  • फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ली मायरे (Bruno Le Maire) के अनुसार, इस नए कर के माध्यम से वर्ष 2020 तक 500 मिलियन यूरो तक की वार्षिक राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है।
कर का दायरा (Scope) -
  • यह कर ऐसी कंपनियों पर लागू होगा, जो
(1) इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए एक डिजिटल इंटरफेस की आपूर्ति करती है। इसके अंतर्गत ऐसी कंपनियां आती हैं, जो उपयोगकर्ताओं को अन्य उपयोगकर्ताओं से संबंध या संपर्क स्थापित करने की सुविधा प्रदान करती हैं।
  • ये कंपनियां इन उपयोगकर्ताओं (Users) के मध्य वस्तुओं एवं सेवाओं को सीधे पहुंचाने का कार्य करती हैं या फिर ग्राहकों एवं कंपनियों को संपर्क में रखने हेतु कमीशन प्राप्त करती हैं।
(2) ऑनलाइन विज्ञापन या विज्ञापन उद्देश्यों हेतु व्यक्तिगत डेटा का पुनर्विक्रय करती हैं।
  • फ्रांस में स्थित उपयोगकर्ताओं को लक्षित विज्ञापन प्रदर्शित करने हेतु ये कंपनियां उपयोगकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा के आधार पर विज्ञापनदाताओं या उनके एजेंटों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सुलभ डिजिटल इंटरफेस पर स्थित विज्ञापन स्थान (Space) खरीदने के लिए सक्षम सेवाएं प्रदान करती है।

कर का प्रभाव -
  • यद्यपि यह टैक्स समान रूप से फ्रांस में स्थित सभी देशों जैसे भारत, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस आदि की बड़ी डिजिटल/तकनीकी कंपनियों को प्रभावित करेगा, तथापि इससे सर्वाधिक अमेरिकी (USA) कंपनियां ही प्रभावित होंगी।
  • फ्रांस के वित्त मंत्री के अनुसार, इससे लगभग 30 कंपनियां प्रभावित होंगी, जिनमें संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की सर्वाधिक कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों में भी विशेष तौर पर गूगल, एप्पल, फेसबुक एवं अमेजॉन जैसी कंपनियां अधिक प्रभावित होंगी।
फ्रांस में प्रस्थान उड़ानों पर ग्रीन-टैक्स
  • 9 जुलाई, 2019 को फ्रांस की परिवहन मंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने फ्रांस से प्रस्थान करने वाली सभी नागरिक विमानों पर इको-टैक्स/ग्रीन टैक्स लगाने का निर्णय लिया।
  • यूरोपीय यूनियन से बाहर जाने वाली उड़ानों पर इकोनॉमी श्रेणी के टिकटों पर 3 यूरो एवं व्यावसायिक श्रेणी के टिकटों पर 18 यूरो तक का कर लगाया जाएगा।
  • वहीं यूरोपीय यूनियन एवं फ्रांस की घरेलू उड़ानों पर इकोनॉमी श्रेणी के टिकटों पर 1.50 यूरो एवं बिजनेस श्रेणी के टिकटों पर 9 यूरो का कर लगाया जाएगा।
  • इस कर के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 182 मिलियन यूरो तक की धनराशि संग्रहीत करने का लक्ष्य है।
  • यह कदम वर्ष 2020 से प्रभावी होगा।
  • इस कर के माध्यम से संग्रहीत धनराशि का उपयोग फ्रांस में कम प्रदूषण फैलाने वाली परिवहन परियोजनाओं को विकसित करने हेतु किया जाएगा।
  • ध्यातव्य है कि ऐसा ही एक कर अप्रैल, 2018 में स्वीडन में आरोपित किया गया था।
निष्कर्ष -
फ्रांस की राह पर चलते हुए यूनाइटेड किंगडम, स्पेन और इटली सभी एक डिजिटल कर के स्वयं के संस्करण को प्रस्तुत करने पर विचार कर रहे हैं। इस वर्ष के प्रारंभ में यूरोपियन यूनियन ने भी इसी प्रकार के एक टैक्स को लाने का प्रस्ताव रखा था। वहीं भारत, जापान और सिंगापुर भी कथित तौर पर इस संबंध में अपनी योजनाएं बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसी एक देश द्वारा प्रारंभ 'कर उपाय' (Tax Measure) किसी वैश्विक समझौते पर एकमत होने तक लागू रहेंगे।