चीन ने अपने सबसे भारी संचार उपग्रह को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।

चीन ने हाल ही में देश की सबसे भारी एवं अत्याधुनिक संचार उपग्रह लॉंग मार्च-5 रॉकेट के जरिए सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया. चीन की अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा कहा जा रहा है कि यह मिशन अंतरिक्ष में चीन के लिए संवदेनशील अभियानों हेतु मार्ग प्रशस्त करेगा. यह सफल प्रक्षेपण 2020 में मंगल ग्रह के लिए चीन की योजना की दिशा में एक बड़ा कदम है.
चीन की आधिकारिक शिन्हुआ समाचार एजेंसी द्वारा कहा गया है कि लॉन्ग मार्च-5 रॉकेट द्वारा शिजियान-20 सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में प्रवेश कर गया. दूसरी ओर समाचार एजेंसी एएफपी ने कहा है  कि यह रॉकेट दुनिया के सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यानों में शामिल है.

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मुख्य बिंदु -
चीन में स्थित हैनान में वेनचांग प्रक्षेपण स्थल से यह सैटेलाईट स्थानीय समयानुसार रात पौने नौ बजे लॉन्ग मार्च-5 द्वारा अंतरिक्ष के लिए रवाना हुआ.
चीन ने पहले लॉन्ग मार्च-5 का नवंबर 2016 में सफल प्रक्षेपण किया था और उस समय चीन ने कहा था कि यह उसके द्वारा विकसित सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपक है. यह भी कहा जा रहा है कि लॉन्ग मार्च-5 लगभग 25 टन वजन ले जाने में सक्षम है.
लॉन्ग मार्च-5 रॉकेट को कई महत्वपूर्ण मिशनों में इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे - मंगल अभियान, चंद्रमा पर चांग’ई-5 मिशन और मानवयुक्त अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक मुख्य मॉड्यूल आदि.
इससे पहले लॉन्ग मार्च-5 वाई-2 को शिजिंयांग-18 प्रयोगात्मक संचार उपग्रह को कक्षा में स्थापित करना था लेकिन यह सफल नहीं हो सका था.

लाभ -
यह सैटेलाईट चीन को रेडियो स्टेशनों, टीवी स्टेशनों, रेडियो प्रसारण केंद्रों और केबल नेटवर्कों के लिए रेडियो, टीवी प्रसारण एवं ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराएगा. इस सैटेलाईट को चाइना सेटेलाइट कम्यूनिकेशन्स कोपरेटिव लिमिटेड के स्वामित्व वाली चाइना अकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी ने विकसित किया. यह प्रक्षेपण लॉन्ग मार्च वाहक रॉकेट श्रृंखला का अभियान है. इस श्रृंखला को चाइना एयरोस्पेस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन ने विकसित किया है.
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