ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल द्वारा बलांगीर में एलपीजी बॉटलिंग प्लांट हाल ही में राष्ट्र को समर्पित किया गया. बीपीसीएल द्वारा संचालित यह संयंत्र उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया जाना था, लेकिन वह खराब मौसम के कारण नहीं आ सके.
यह बॉटलिंग प्लांट 19 महीने के रिकॉर्ड समय में 103 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. प्लांट की आधारशिला 21 मई, 2018 को तत्कालीन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रखी थी.

एलपीजी बॉटलिंग प्लांट क्या है?
यह एक कारखाना होता है जहाँ तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) को बोतलों या सिलेंडरों में भर दिया जाता है. उसके बाद ये सिलेंडर विभिन्न स्टोरेज या वितरकों के पास जाते हैं. यह टैंक ट्रकों या एक पाइपलाइन के माध्यम से आने वाली एलपीजी द्वारा भरा जा सकता है. एलपीजी से भरने के लिए संयंत्र को खाली सिलेंडर या नए खाली सिलेंडर मिलते हैं जिसमें गैस भरके उन्हें बाज़ार में सप्लाई किया जाता है.

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लाभ -
बीपीसीएल ने संयंत्र को 103 करोड़ रुपये में स्थापित किया है. कारखाने की उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 42 लाख सिलेंडर है. इससे पश्चिमी ओडिशा के 14 जिलों के लोगों को फायदा होगा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में ओडिशा में एलपीजी ग्राहकों की संख्या 20 लाख थी, अब यह संख्या बढ़कर 88 लाख हो गई है. बीपीसीएल के ओडिशा में 21 लाख 59 हजार ग्राहक हैं. उम्मीद है कि 2020 के अंत तक खपत 105 लाख सिलेंडर तक बढ़ जाएगी. यह जानकारी सरकारी वेबसाइट से ली गई है.
बीपीसीएल के बारे में
यह एक महारत्न तेल और गैस कंपनी है जो कि भारत सरकार के अधीन कार्यरत है. सार्वजनिक क्षेत्र की यह इकाई वर्ष 1976 में स्थापित की गई थी. इसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है. मुंबई और कोच्चि में इसकी दो रिफाइनरी भी मौजूद हैं.

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