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पृथ्वी सदृश तापमान वाले ग्रह पर पहली बार पानी मिला |

पृथ्वी सदृश तापमान वाले ग्रह पर पहली बार पानी मिला
अपने अथक एवं अनवरत प्रयासों से अब वैज्ञानिक इस अनादि प्रश्न के उत्तर देने के करीब पहुंच रहे हैं कि "क्या हम ब्रह्माण्ड में अकेले हैं ?" अब तक ब्रह्माण्ड में 4 हजार से अधिक ग्रह खोजे गए हैं, पर उनमें से अधिकांश गैसीय गोले हैं, कुछ ठोस धरातल वाले ग्रह हैं.
इन ठोस ग्रहों की स्थितियाँ भी जीवधारियों के लिए अनुकूल नहीं हैं. यह पहला अवसर है जब वैज्ञानिकों ने ठोस धरातल वाले एक ऐसे ग्रह की खोज की है, जहाँ जल भी है वायुमण्डल भी. यहाँ उच्च चेतनायुक्त प्राणियों की अस्तित्व सम्भव है.
खगोलविदों को हमारे सौरमण्डल के बाहर एक ग्रह पर पानी खोजने में पहली बार सफलता मिली है. इस ग्रह के वातावरण में पानी की मौजूदगी पाई गई है. इसका तापमान भी हमारी धरती सरीखा है. इसलिए उम्मीद जताई गई है कि इस पर जीवन के अनुकूल माहौल हो सकता है.

2015 में मिला था यह ग्रह
वर्ष 2015 में नासा के केप्लर अन्तरिक्षयान ने के2-18बी ग्रह की खोज की थी. यह जिस लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है, वह बेहद ठण्डा है.

इस तरह की गई खोज
खगोलविदों ने ईएसए/नासा हब्बल स्पेस टेलीस्कोप द्वारा वर्ष 2016 से 2017 के दौरान जुटाए गए आंकड़ों का अध्ययन किया. इन आँकड़ों के जरिए के2-18बी के वातावरण के विश्लेषण के आधार पर पानी की पहचान की गई.

हाइड्रोजन और हीलियम के मिले संकेत
शोधकर्ताओं ने कहा कि जलवाष्प की निशानी से यह संकेत मिल रहा है कि ग्रह के वातावरण में हाइड्रोजन और हीलियम की मौजूदगी भी हो सकती है, उनका यह भी मानना है कि के2-18बी ग्रह के वातावरण में नाइट्रोजन और मीथेन होने के भी संकेत मिले हैं, लेकिन मौजूदा निरीक्षणों में इनकी पहचान नहीं हो पा रही है.

पानी की मात्रा का अनुमान लगाना बाकी

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अनुमान लगाने के लिए और अध्ययन करने की जरूरत है कि के2-18बी ग्रह पर बादलों का कितना कवरेज है और इसके वातावरण में कितने प्रतिशत पानी है?
नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, के2-18बी ऐसा पहला ज्ञात ग्रह है, जिस पर पानी और धरती जैसा तापमान दोनों पाया गया है. इसलिए यह ग्रह रहने योग्य हो सकता है.
इसका द्रव्यमान धरती से आठ गुना ज्यादा है. शोधकर्ताओं ने बताया कि के2-18बी ग्रह अपने दूरस्थ बौने तारे के2-18 की परिक्रमा करता है. यह हमारी धरती से 110 प्रकाश वर्ष दूर लियो तारामण्डल में स्थित है.
खगोलविदों का कहना है कि किसी तारे की परिक्रमा कर रहे ग्रह के वातावरण में पहली बार सफलतापूर्वक पानी की पहचान की गई है, इस ग्रह पर पानी का अस्तित्व तरल रूप में भी हो सकता है. ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ता एंजलोस सियारस ने कहा, "धरती के अलावा एक सम्भावित रहने योग्य ग्रह पर पानी मिलना अविश्वसनीय और उत्साहजनक है.
के2-18बी दूसरी धरती नहीं है, क्याकि यह बहुत भारी है.. लेकिन इस खोज से हम उस मौलिक सवाल का जवाब देने के करीब पहुंच रहे हैं कि क्या धरती अनूठी है ?"