वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2020

सूचकांक (Index) -

  • 'वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक' (Global Gender Gap Index) लैंगिक समानता को मापने के लिए बनाया गया सूचकांक है, जो विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum : WEF) द्वारा वर्ष 2006 से प्रत्येक वर्ष जारी किया जा रहा है। इस सूचकांक का नवीनतम संस्करण दिसंबर, 2019 में प्रकाशित किया गया।
  • . सद्यः संस्करण इस सूचकांक का 14वां संस्करण है।

सूचकांक जारी करने का आधार -
  • यह सूचकांक चार क्षेत्रों में विभिन्न देशों द्वारा लैंगिक समानता प्राप्त करने की दिशा में की गई प्रगति के आधार पर जारी किया जाता है। ये चार क्षेत्र निम्न हैं
(1) आर्थिक भागीदारी एवं अवसर
(2) शैक्षणिक उपलब्धियां
(3) स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता तथा
(4) राजनीतिक सशक्तीकरण
  • यह सूचकांक 0 (शून्य) से 1 के स्कोर के मध्य विस्तारित है, जिसमें 0 (शून्य) का अर्थ 'पूर्ण लैंगिक असमानता' तथा 1 का अर्थ 'पूर्ण लैंगिक समानता है।

वैश्विक व्याप्ति (Global Coverage) -
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2020 में कुल 153 देशों को शामिल किया गया है।
  • रिपोर्ट में आइसलैंड को सबसे कम लैंगिक भेदभाव वाला देश तथा यमन को सर्वाधिक लैंगिक भेदभाव वाला देश घोषित किया गया
  • रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर व्याप्त व्यापक लैंगिक असमानता को दूर करने में लगभग 99.5 वर्ष लगेंगे, जबकि विगत रिपोर्ट में यह अवधि 108 वर्ष अनुमानित थी।
  • रिपोर्ट में इस वर्ष के लैंगिक अंतराल में सुधार का कारण राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को माना गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में विश्व के विभिन्न देशों में 25.2 प्रतिशत महिलाएं संसद के निचले सदन का हिस्सा हैं, जबकि 21.2 प्रतिशत मंत्रिपद संभाल रही हैं।

परिणाम एवं विश्लेषण -
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2020 में शीर्ष 5 देश |
रैंक 2020
देश
स्कोर
1
आइसलैंड
0.877
2
नॉर्वे
0.842
3
फिनलैंड
0.832
4
स्वीडन
0.820
5
निकारागुआ
0.804

इस सूची में शीर्ष 4 स्थानों पर नॉर्डिक (Nordic) देश है, जहां आइसलैंड लगातार 11 वर्षों से इस सूची में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। 5वें स्थान पर लैटिन अमेरिकी देश निकारागुआ है।
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2020 में अंतिम 5 देश -
रैंक 2020
देश
स्कोर
153वां
यमन
0.494
152वां
इराक
0.530
151वां
पाकिस्तान
0.564
150वां
सीरिया
0.567
149वां
कांगो
0.578
  • वैश्विक लैगिक अंतराल सूचकांक, 2020 में ब्रिक्स (BRICS) देशों की स्थिति -
रैंक 2020
देश
स्कोर
17वां
दक्षिण अफ्रीका
0.780
81वां
रूसी संघ
0.706
92वां
ब्राजील
0.691
106वां
चीन
0.676
112वां
भारत
0.668
  • ब्रिक्स (BRICS) देशों में सबसे अधिक गिरावट (6 स्थानों की) रूस की रैंकिंग में होने के बावजूद ब्रिक्स देशों में सबसे निचले स्थान पर भारत है। विगत वर्ष भारत की रैकिंग 108वीं थी।

भारत की स्थिति -
  • वर्ष 2020 में कुल 153 देशों की इस सूची में भारत का स्थान 112वां है, जबकि विगत रिपोर्ट में इसका स्थान 108वां था।
  • सूचकांक के विभिन्न क्षेत्रों में भारत की रैकिंग इस प्रकार रहीं -
क्रम
वर्ग
भारत की रैंक
1
आर्थिक भागीदारी एवं अवसर
149वां
2
शैक्षणिक उपलब्धियां
112वां
3
स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता
150वां
4
राजनीतिक सशक्तीकरण
18वां
  • रिपोर्ट के अनुसार, 153 देशों में किए गए सर्वेक्षण में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी का प्रतिशत राजनीतिक क्षेत्र से कम है।
  • 'स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता' तथा आर्थिक भागीदारी एवं अवसर' के क्षेत्र में भारत (क्रमशः 150वां एवं 149वां स्थान) का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है।
  • रिपोर्ट में भारत में असमान शिशु लैंगिक जन्मानुपात (91/100) को भी चिंताजनक बताया गया है।
  • राजनीतिक सशक्तीकरण में अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा भारत का प्रदर्शन (18वां स्थान) बेहतर रहा है। . लेकिन भारतीय राजनीति में आज भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बहुत ही कम है। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में केवल 14.4 प्रतिशत महिलाओं का ही संसद में प्रतिनिधित्व है (विश्व में 122वां स्थान), जबकि मंत्रिमंडल में महिलाओं की भागीदारी केवल 23.1 प्रतिशत ही है (विश्व में 69वां स्थान)। - महिला साक्षरता के संदर्भ में भारत का प्रदर्शन भी खराब है। पुरुषों (82%) की तुलना में केवल दो-तिहाई महिलाएं (66%) ही साक्षर हैं।
  • श्रम बाजार में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पुरुषों (82%) की तुलना में एक-चौथाई ही है तथा इस संदर्भ में भारत का स्थान विश्व में 145वां है, महिलाओं की औसत आय पुरुषों की तुलना में पांचवां हिस्सा (1/5) है।
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