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राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम।

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य -
  • 11 सितंबर, 2019 को मथुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम' (National Animal Disease Control Programme) का शुभारंभ किया।

उद्देश्य -
  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में पशुधन (Livestock) को प्रभावित करने वाले 'फुट एंड माउथ रोग' (Foot & Mouth Disease: खुरपका एवं मुंहपका रोग) तथा ब्रूसीलोसिस (Brucellosis) का नियंत्रण एवं उनका उन्मूलन करना है।
  • यह कार्यक्रम पशुओं में टीकाकरण के माध्यम से वर्ष 2025 तक फुट एंड माउथ रोग एवं ब्रूसीलोसिस को नियंत्रित करने और अंततः वर्ष 2030 तक उनका उन्मूलन (Eradication) करने हेतु लक्षित है। वित्तपोषण
  • यह 100 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित कार्यक्रम है, जिसका वर्ष 2019 से वर्ष 2024 तक कुल परिव्यय (Total Outlay) 12,652 करोड़ रुपये निर्धारित है।

फुट एंड माउथ रोग
  • ज्ञातव्य है कि फुट एंड माउथ रोग विभाजित खुर (Clovenhoofed) वाले पशुओं जैसे गाय, भैंस, भेड़, बकरी, तथा सुअर आदि में होने वाला अत्यधिक संक्रामक विषाणुजनित रोग है।
  • पिकोरनाविरीदा (Picomaviridae) परिवार का एप्थोवायरस (Apthovirus) नामक विषाणु इस रोग का कारक होता है।
  • इस रोग के कारण दुधारू पशुओं की दुग्ध-उत्पादन क्षमता में तेजी से कमी आती है।

ब्रूसीलोसिस
  • ब्रूसीलोसिस एक संक्रामक रोग है, जो ब्रूसेला (Brucella) नामक जीवाणु (Bacteria) के कारण होता है। इसे भूमध्यसागरीय ज्वर (Mediterranean Fever) या 'माल्टा ज्वर' (Malta Fever) के नाम से भी जाना जाता है।
  • प्रायः मवेशी भेड़, बकरी, सुअर, घोड़े तथा कुत्ते इस रोग से प्रभावित होते हैं।
  • इस रोग के कारण प्रायः पशुओं में प्रजनन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
  • 11 सितंबर, 2019 को ही प्रधानमंत्री ने मथुरा में राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम' (National Artificial Insemination Programme) की भी शुरुआत की।