वर्ल्ड गिविंग इंडेक्स, 2019
वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • अक्टूबर, 2019 में जारी वर्ल्ड गिविंग इंडेक्स, 2019' (World Giving Index, 2019) के अनुसार, विगत 10 वर्षों (2009-2018) में भारत में दान देने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, जहां विगत 10 वर्षों में 34 प्रतिशत लोगों ने एक अजनबी की मदद (Helping stranger) की है. वहीं 24 प्रतिशत लोगों ने धन देकर (Donating money) तथा 19 प्रतिशत लोगों ने स्वयंसेवक बनकर अपना समय (Volunteering time) दिया है।

इंडेक्स का विवरण
  • वैश्विक स्तर पर परोपकारी व्यवहार के बारे में वर्ल्ड गिविंग इंडेक्स' (World Giving Index) सबसे व्यापक सर्वेक्षण है. जो विश्व के विभिन्न देशों में परोपकारिता की स्थिति पर ब्रिटेन आधारित 'चैरिटीज एड फाउंडेशन' (Charities Aid Foundation) द्वारा अपनी सहयोगी गैलप (Gallup) संस्था द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर वर्ष 2010 से प्रतिवर्ष जारी किया जाता है।
  • इंडेक्स, 2019
  • चैरिटीज एउ फाउंडेशन (CAF) द्वारा अक्टूबर, 2019 में जारी यह वार्षिक रिपोर्ट इस शृंखला का 10वां वार्षिक संस्करण है. जो विगत एक दशक (2009-2018) में किए गए सर्वेक्षणों पर आधारित है।
  • इस सूचकांक में कुल 128 देशों को शामिल किया गया है, जिसमें सर्वोच्च दानशील देश होने का श्रेय संयुक्त राज्य अमेरिका (स्कोर: 58%) को प्राप्त हुआ है।
  • इसी संदर्भ में म्यांमार और न्यूजीलैंड क्रमशः 58 प्रतिशत एवं 57 प्रतिशत स्कोर के साथ दूसरे एवं तीसरे स्थान पर रहे।
  • जबकि चीन न्यूनतम स्कोर (16%) के साथ सबसे निम्नतम स्थान (126वां) पर स्थित है।
विगत 10 वर्षों में सर्वाधिक स्कोर प्राप्त करने वाले 5 देश
देश
यू.एस.ए.
म्यांमार
न्यूजीलैंड
ऑस्ट्रेलिया
आयरलैंड
स्कोर (% में)
58%
58%
57%
56%
56%
रैंक
1
2
3
4
5













विगत 10 वर्षों में न्यूनतम स्कोर प्राप्त करने वाले 5 देश
देश
चीन
यूनान (डीस)
यमन
सर्विया
स्टेट ऑफ फिलिस्तीन
स्कोर (% में)
16%
16%
17%
19%
19%
रैक
126
125
124
123
122








इंडेक्स, 2019 में भारत की स्थिति
  • 128 देशों के वर्ल्ड गिविंग इंडेक्स' (WGI) में भारत को 26 प्रतिशत स्कोर के साथ 82वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि विगत वर्ष यह 124वें स्थान पर था।
  • इस सूची में भारत के पड़ोसी देशों में श्रीलंका 9वें, नेपाल 53वें, पाकिस्तान 69वें, बांग्लादेश 81वें तथा चीन 126वें स्थान पर है अर्थात भारत के पड़ोसी देशों में केवल चीन को छोड़कर शेष देशों की स्थिति भारत से बेहतर है।

हुरुन इंडिया परोपकारियों की सूची, 2019
  • 14 अक्टूबर, 2019 को एडेलगिव फाउंडेशन तथा हुरुन शोध संस्थान द्वारा एजेलगिव हुरुन भारतीय परोपकारियों की सूची, 2019 (Edelgive Hurun India Philanthropy List, 2019) जारी की गई। इस सूची में उन भारतीय परोपकारियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने 1 अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2019 के मध्य 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक का दान इस सूची में कुल 100 व्यक्तियों को शामिल किया गया है।
  • सूची में शामिल 100 लोगों में 6 महिलाएं भी शामिल हैं।
  • शिक्षा क्षेत्र के लिए 826 करोड़ रुपये के दान के साथ एचसीएल (HCL) के चेयरमैन शिव नाउार शीर्ष पर हैं।
  • विप्रो के अजीम प्रेमजी तथा रिलायंस इंउस्ट्रीज के मुकेश अंबानी ने भी शिक्षा क्षेत्र के लिए क्रमशः 453 करोड़ रुपये तथा 402 करोड़
  • रुपये का योगदान देते हुए दानदाताओं की सूची में दूसरे एवं तीसरे स्थान पर रहे।
  • सूची में शामिल 6 महिलाओं में इन्फोसिस की रोहिणी निलेकणि ने शिक्षा क्षेत्र के लिए दानस्वरूप 142 करोड़ रुपये का योगदान देते हुए शीर्ष पर (समग्र रूप में छठे स्थान पर) रही। उसके बाद क्रमशः किरन मजूमदार शॉ (72 करोड़ रुपये) तथा लीना गांधी तिवारी (34 करोड़ रुपये) का स्थान रहा।
  • सर्वाधिक परोपकार (दान) शिक्षा क्षेत्र (1565 करोड़ रुपये) के लिए किया गया। उसके बाद क्रमशः स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र (292 करोड़ रुपये) तथा कला, संस्कृति एवं विरासत (275 करोड़ रुपये) हेतु किया गया।
  • परोपकारियों की सूची में 50 करोड़ रुपये के योगदान के साथ एमजीएच (MDH) मसाले के धर्मपाल गुलाटी सबसे वयोवृद्ध (95 वर्ष) परोपकारी रहे
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