प्रोजेक्ट सोली (Project Soli)।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य 
  • 15 अक्टूबर, 2019 को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में आयोजित 'मेड बाय गूगल इवेंट' (Made by Google Event) में गूगल द्वारा पिक्सल-4 स्मार्टफोन सीरीज लांच की गई। 
  • गूगल के इन गैजट्स (Gadgets) में प्रोजेक्ट सोली के तहत विकसित मोशन सेंस टेक्नोलॉजी (Motion Sense Technology) का प्रयोग किया गया है।

प्रोजेक्ट सोली (Project Soli) 
  • सोली, गूगल की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड प्रोजेक्ट (Advanced Technology and Projects - ATAP) दीम द्वारा संचालित एक परियोजना है।
  • इस प्रोजेक्ट के तहत पिक्सल-4 स्मार्टफोन में एयरमोशन  (Air Motion) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 
  • इसके तहत छोटे एवं उच्च-गति के सेंसरों के प्रयोग द्वाराअत्यंत मंद गतिविधि (Fine motions) को भी अत्यधिकशुद्धता से रिकॉर्ड किया जा सकता है।
  • प्रोजेक्ट सोली प्रौद्योगिकी की मदद से प्रयोक्ता पूर्व निर्धारित पैटर्न में अपने अंगूठे एवं अंगुलियों को आपस में रगड़कर कंप्यूटर को निर्देश प्रेषित कर सकते है।
  • सोली (Soh) एक रडार चिप है, जिसे गूगल की नई शृंखला के पिक्सल फोनों में लगाया गया।

विशेष
  • यह सुविधा सर्वप्रथम सैमसंग (Samsung) ने अपने स्मार्टफोन गैलेक्सी नोट-10(Galaxy Note-10) में उपलब्ध कराई है, जिसे वायु संकेतक' (Air Gestures) के रूप में जाना जाता है।
  • भारत में लांच नहीं
  • इस प्रौद्योगिकी में एक विशेष रेडियो-आवृति (60 GHz बैंड) का प्रयोग किया जाता है, जिसकी भारत में निजी कंपनियों को प्रयोग करने की अनुमति नहीं है।
  • इसी कारण गूगल ने अपने पिक्सल 4XL एवं पिक्सल 4 स्मार्टफोनों को भारत में लांच न करने की घोषणा की है।
  • मोशन सेंस (Motion Sense) केवल उन्हीं देशों में कार्य करेगा, जहां व्यावसायिक उद्देश्यों हेतु इस आवृत्ति बैंड के उपयोग को अनुमोदन प्रदान किया गया है। इस सूची में अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान और अधिकांश यूरोपीय देश शामिल हैं। भारत ने अभी इस तकनीक का अनुमोदन नहीं किया है।
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