/ / पांचवां द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2019-20।

पांचवां द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2019-20।

पांचवां द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2019-20

वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 5 दिसंबर, 2019 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति' (MPC) द्वारा पांचवां द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2019-20 (Fifth BiMonthly Monetary Policy Statement, 2019-20) जारी किया गया।
  • समिति द्वारा जारी वर्तमान मौद्रिक नीति वक्तव्य में चलनिधि समायोजन सुविधा (LAF) के तहत नीतिगत दरों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन (कमी/वृद्धि) न करते हुए पूर्व के स्तर पर ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।
  • इस समिति द्वारा लगातार पांच बार मौद्रिक नीति में परिवर्तन करने के बाद यह पहला अवसर रहा, जब मौद्रिक नीति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि मौद्रिक नीति समिति द्वारा फरवरी, 2019 से अक्टूबर, 2019 के मध्य लगातार 5 बार रेपो दर में कमी करते हुए कुल 1.35 प्रतिशत की कमी की गई थी।

महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय
  • मौद्रिक नीति समिति द्वारा 5 दिसंबर, 2019 की बैठक में वर्तमान और उभरती समष्टिगत आर्थिक परिस्थितियों के आकलन के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि
  • चलनिधि समायोजन सुविधा के तहत नीतिगत रेपो दर (Repo ___Rate) को 5.15 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा जाए।
  • परिणामस्वरूप, चलनिधि समायोजन सुविधा के तहत परिवर्ती रेपो दर (Re-Repo Rate) 4.90 प्रतिशत और सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर तथा बैंक दर दोनों ही 5.40 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखे जाएं

अन्य संबंधित तथ्य
  • 3 दिसंबर, 2019 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 451.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो मार्चात, 2019 की तुलना में 38.8 बिलियन डॉलर अधिक है।
  • समिति द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर का अनुमान पूर्व के 6.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है।