स्वास्थ प्रणाली सुदृढीकरण रिपोर्ट, 2018-19


पृष्ठभूमि
  • पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों ध्यान केंद्रित करते हुए परिणान आधारित वित्तपोषण (Result Base Finacing) की नीति को अपनाया है।
  • इसके तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में कुछ निश्चित संकेतकों पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों को अधिक बजटीय सहायता प्रदान की जा सकती है साथ ही निश्चित प्रदर्शन मानकों को पूरा करने वाले राज्यों के वित्तपोषण में कटौती भी की जा सकती हैं।
  • वर्ष 2018-19 में केंद्र सरकार की इस पहल को प्रोत्साहन तब प्राप्त हुआ, जब स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिश (NHM) के मिशन स्टीयरिंग समूह ने NHM बजट के तहत प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव/पेनाल्टी को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया।

सशर्तता रूपरेखा-2018-19
(Conditionalities Framework, 2018-19)
  • भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते है सशर्तता रूपरेखा का विकास किया गया है. जिन्हें प्राप्त करने से राज्यों द्वारा प्रयास किया जाना चाहिए।
  • वर्ष 2018-19 हेतु सशर्तता रूपरेखा में 7 मुख्य संकेतक शामिल हैं, जिनके आधार पर राज्यों केंद्रशासित प्रदेशों को रैंक प्रदान की गई है।

ये 7संके तक हैं
  1. नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर वृद्धिशील प्रदर्शन में सुधार
  2. हेल्थ एंउ वेलनेस सेंटर्स का संचालन
  3. मानव संसाधन सूचना प्रणाली का कार्यान्वयन
  4. जिला अस्पतालों की ग्रेडिंग
  5. फ्रेमवर्क के अनुरूप जिलों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं
  6. गैर-संचारी रोगों हेतु 30+ जनसंख्या की स्क्रीनिंग
  7. कार्यात्मकता के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (शहरी एवं ग्रामीण दोनों) की रेटिंग
  • ज्ञातव्य है कि इंसेंटिव को प्राप्त करने हेतु पूर्ण प्रतिरक्षण कवरेज' (Full Immunization Coverage) को अर्हता मानक (Qualifying Criterion) के रूप में निर्धारित किया गया है।
  • EAG (Empowered Action Group) राज्यों, पूर्वोत्तर तथा पहाड़ी राज्यों के मामले में न्यूनतम 75 प्रतिशत प्रतिरक्षण कवरेज प्राप्त करने पर ही वे सशर्तता आकलन हेतु अर्ह होंगे, जबकि शेष राज्यों /संघ राज्य क्षेत्रों को न्यूनतम 80 प्रतिशत प्रतिरक्षण कवरेज प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • अक्टूबर, 2019 में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 'स्वास्थ्य प्रणाली सुदीकरण : राज्यों की सशर्तता रिपोर्ट, 2018-19 (Health Systems Strengthening - Conditionality Report of States for 2018-19) जारी की गई

रिपोर्ट, 2018-19
  • वर्ष 2018-19 के लिए 20 राज्य/संघ राज्य क्षेत्र प्रोत्साहन (Incentive) अर्जित कर सके।
  • दो राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र ने न तो प्रोत्साहन अर्जित किया, न ही दंड, जबकि शेष राज्यों ने दंड प्राप्त किया।
  • चार राज्य (अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड और सिक्किम) 75 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण के न्यूनतम मानदंडों को पूरा नहीं कर सके
  • इसलिए इन राज्यों द्वारा की गई प्रगति (यदि कोई है) पर आकलन हेतु विचार नहीं किया गया है तथा सभी चार राज्यों को 20 प्रतिशत का दंड दिया गया।
प्रदर्शन एवं इंसेंटिव/पेनाल्टी प्राप्त करने के आधार पर
शीर्ष तथा अंतिम राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

शीर्ष 5
आकांक्षी 5*
दादरा एवं नगर हवेली
हरियाणा
असम
केरल
पंजाब
28 पश्चिम बंगाल
29 मध्य प्रदेश
30 उत्तराखंड
31 बिहार
32 लक्षद्वीप
*नोट- इसमें न्यूनतम मानदंडों को पूरा न कर सकने वाले 4 राज्यों को सम्मिलित नहीं किया गया है।

  • आठ EAG (Empowered Action Group) राज्यों में से चार राज्यों को प्रोत्साहन, एक राज्य को न प्रोत्साहन, न ही दंड और दो राज्यों को दंड प्राप्त हुआ।
  • सभी 3 पहाड़ी राज्यों को सशर्तता (Conditionality) पूरी न करने के कारण दंड की प्राप्ति हुई है। इसमें जम्मू और कश्मीर (राज्य के रूप में) हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।

व्यक्तिगत संकेतकों के संदर्भ में प्रदर्शन
  • स्वास्थ्य परिणामों में प्रदर्शन पर राज्यों की नीति आयोग रैंकिंग के संदर्भ में 36 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में से 20 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने पिछले वर्ष की अपेक्षा प्रगति दिखाई. जबकि 16 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने अपने प्रदर्शन में गिरावट दिखाई है।
  • नीति (NITI) संकेतकों में सुधार की दर संघ राज्य क्षेत्रों में दादरा और नगर हवेली में उच्चतम, जबकि राज्यों में राजस्थान में उच्चतम रही।
  • स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के परिचालन के संदर्भ में संघ राज्य क्षेत्रों में दमन एवं दीव ने तथा राज्यों में पंजाब ने सर्वोच्च प्रतिशतता हासिल की है।
  • इस परिप्रेक्ष्य में EAG राज्यों में ओडिशा ने उच्चतम उपलब्धि प्रदर्शित की है।
  • 36 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में से केवल 6 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने मानव संसाधन सूचना प्रणाली के कार्यान्वयन के संदर्भ में प्रोत्साहन अर्जित किया है। इन राज्यों में असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, पंजाब और त्रिपुरा शामिल हैं।
  • इन 6 राज्यों के अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और उत्तर प्रदेश आंशिक रूप से निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में सक्षम रहे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  • भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) का शुभारंभ वर्ष 2013 में किया गया था।
  • इसके उपमिशन के रूप में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) को शामिल किया गया हैं
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