सितंबर-अंत, 2019 में भारत का विदेशी ऋण

विदेशी ऋण स्टॉक
  • 31 दिसंबर, 2019 को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी ऋण जून-अंत. 2019 की तुलना में सितंबर-अंत, 2019 में लगभग 0.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर (0.08%) की वृद्धि के साथ 557.52 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • सितंबर-अंत, 2019 में कुल ऋण भंडार में दीर्घावधिक ऋणों (448.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का हिस्सा 80.4 प्रतिशत है। जबकि अल्पावधिक विदेशी ऋणों (109.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का हिस्सा मान 19.6 प्रतिशत रहा।
  • वाणिज्यिक उधार बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक रहा, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 38.8 प्रतिशत रही।
  • इसके बाद अनिवासी भारतीयों (NRIs) की जमाराशियों की हिस्सेदारी लगभग 23.8 प्रतिशत तथा अल्पकालिक ऋण (Short
  • Term Debt) की हिस्सेदारी लगभग 18.6 प्रतिशत रही।
  • सितंबर-अंत, 2019 में भारत के कुल विदेशी ऋण स्टॉक का 51.9 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी डॉलर में मूल्यवर्गित ऋण का है, इसके बाद भारतीय रुपया (34.4%), जापानी येन (5.2%), एसडीयार (4.6%) तथा यूरो (3%) का स्थान आता है।
  • सितंबर-अंत. 2019 में भारत का विदेशी ऋण सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 20.1 प्रतिशत है।
भारत के विदेशी ऋण की संरचना (बिलियन अमेरिकी डॉलर में)
क्रम संख्या
घटक
सितंबर-अंत, 2019 (P)
1.
बहुपक्षीय
58.8
2.
द्विपक्षीय
26.5
3.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)
5.4
4.
व्यापार ऋण (Trade Credit)
7.6
5.
वाणिज्यिक उधार
216
6.
एनआरआई जमाएं
132.9
7.
रुपया ऋण
1.1
8.
दीर्घावधिक ऋण (1 से 7 तक)
448.4
9.
अल्पावधिक ऋण
109.1
10.
कुल बाह्य ऋण (8+9)
557.5
P= Provisional

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