राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान।

राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान


पृष्ठभूमि
  • राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति, 2018 (NationalDigital Communication Policy.2018) का हिस्सा है।
  • इस नीति का एक प्रमुख उद्देश्य सभी के लिए ब्रॉडबैंड की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
  • यह नीति प्रभावी रूप से डिजिटल अंतराल को कम कर नागरिकों को सशक्त बनाने हेतु लक्ष्यित है।
  • हाल ही में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद' (ICRIER : Indian Council for Research on International Economic Relations) द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट प्रयोक्ताओं की संख्या में 10 प्रतिशत की वृद्धि के परिणामस्वरूप राज्य प्रति व्यक्ति GDP की विकास दर में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • इसके अतिरिक्त भारत में मोबाइल इंटरनेट ट्रैफिक में 10 प्रतिशत की वृद्धि के परिणामस्वरूप भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में औसतन 1.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • भारत को एक 'मोबाइल प्रथम अर्थव्यवस्था' (Mobile First Economy) के रूप में वर्गीकृत किया गया है. क्योंकि 90 प्रतिशत से अधिक भारतीय उपभोक्ता मोबाइल पर ही ब्रॉडबैंड का उपयोग कर रहे हैं।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 17 दिसंबर, 2019 को केंद्रीय संचार मंत्रालय (Ministry of Communications) द्वारा 'राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान' (National Broadband Mission) की शुरुआत की गई।
  • राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान के अंतर्गत देश के सभी गांवों को वर्ष 2022 तक ब्रॉडबैंड हाईस्पीड इंटरनेट (Broadband Highspeed Internet) से जोड़ा जाएगा।

लक्ष्य
  • राष्ट्रीय बॉडबैंड अभियान के द्वारा वर्ष 2022 तक ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों समेत पूरे देश में बॉडबैंड सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
  • इस अभियान के अंतर्गत 50 लाख किलोमीटर ऑप्टिक फाइबर केबल (Optic Fibre Cable) बिछाई जाएगी।
  • वर्ष 2024 तक टॉवर घनत्व को प्रति एक हजार की आबादी पर 0.42 से बढ़ाकर 1.0 किया जाएगा।
  • राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए राइट ऑफ वे (Rigintof way) मॉडल विकसित किया जाएगा ऑप्टिक फाइबर बिछाने समेत डिजिटल अवसंरचना के विस्तार संबंधी नीतियों के लिए यह मॉडल सहायक होगा।
  • राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में उपलब्ध डिजिटल अवसंरचना और अनुकूल नीतियों के मापने के लिए ब्रॉडबैंड रेडीनेस सूचकांक' (Broadband Readiness Index) जारी किया जाएगा।
  • पूरे देश के लिए डिजिटल फाइबर मानचित्र (Digital Fibre Map) तैयार किया जाएगा।

दूरसंचार के मानदंडों के विकास का संक्षिप्त विवरण
मोबाइल उपभोक्ता (मिलियन में) 30% वृद्धि
907.42
1173.75
इंटरनेट उपभोक्ता (मिलियन में) 165% वृद्धि
251.59
665.31
ब्रॉडबैड उपभोक्ता (मिलियन में) 530% वृद्धि
99.2
625.42
टेली घनत्व (प्रतिशत में) 20% वृद्धि
75.23%
90.52%
ग्रामीण टेली घनत्व (प्रतिशत में) 31% वृद्धि
44.01%
57.59%
डाटा उपभोग (प्रतिमाह. प्रति उपभोक्ता जीबी में) 1120% वृद्धि
0.80 से कम
9.77 जीवी

महत्व
  • राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान से मोबाइल व इंटरनेट सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार (Innovation), व्यवसाय डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) एवं ऑनलाइन भुगतान (Online Paymert) को बढ़ावा मिलेगा।
  • इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुगम एवं प्रभावी होगी।
  • इंटरनेट के जरिए स्थानीय संस्कृति एवं कला को राष्ट्रीय पहचान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
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