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राष्ट्रीय पेंशन योजना क्या है?

राष्ट्रीय पेंशन योजना
(पूर्वनाम-प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना)
लघु व्यापारियों, दुकानदारों एवं स्वरोजगार युक्त (Self Employed) लोगों के लिए इस पेंशन योजना की औपचारिक लांचिंग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 12 सितम्बर, 2019 को रांची में प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना नाम से की थी. यह एक स्वैच्छिक एवं अंशदान आधारित (Voluntary and Contributory) पेंशन योजना है.
ऐसे लघु व्यापारी/स्वनियोजित लोग इस योजना में शामिल हो सकते हैं
  • (i) जिनकी आयु 18-40 वर्ष है.
  • (ii) जिनका वार्षिक कारोबार (Annual Turnover) ₹ 1.50 करोड़ से कम हो तथा जिनका अपने नाम से बचत खाता व आधार संख्या हो.
  • (iii) जो आयकर दाता न हों.
  • (iv) जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO)/कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC)/केन्द्र सरकार द्वारा अंशदायी राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS)/Pm-SYM के सदस्य न हों.
योजना के तहत किसी अंशदाता द्वारा देय अंशदान योजना में शामिल होने के समय उसकी उम्र पर निर्भर करता है. यह अंशदान ₹55 प्रतिमाह से ₹ 200 प्रतिमाह तक है.

18 वर्ष की उम्र में योजना में शामिल होने पर यह ₹ 55 प्रतिमाह है, जबकि 29 वर्ष की आयु में शामिल होने पर यह ₹ 100 प्रतिमाह तथा 40 वर्ष की आयु में योजना में शामिल होने पर यह ₹ 200 प्रतिमाह निर्धारित किया गया है.
एक बार कोई अंशदाता 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच यदि इस योजना में शामिल होता है, तो इसे अपना यह मासिक अंशदान 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक करना होगा. इसमें जितना अंशदान लाभार्थी द्वारा किया जाएगा उतना ही अंशदान सरकार द्वारा भी किया जाएगा.

अपना अंशदान नियमित रूप से करने वाले सभी लाभार्थियों/अंशदाताओं को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर ₹3000 प्रतिमाह पेंशन आजीवन प्राप्त होगी. पेंशन प्राप्त करने के दौरान लाभार्थी की मृत्यु हो जाने की स्थिति में उसके पति/पत्नी को 50 प्रतिशत परिवार पेंशन प्राप्त होती रहेगी. इस पेंशन योजना का प्रबन्धन भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से किया जा रहा है.