भारतीय भेषज संहिता को अफगानिस्तान की मान्यता 
वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • दिसंबर, 2019 में इस्लामी गणराज्य अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधि तथा स्वास्थ्य उत्पाद नियामक विभाग ने भारतीय भेषज संहिता' (TP : Indian Pharmacopoeia) को औपचारिक रूप से मान्यता प्रदान की।
  • इसके साथ ही अफगानिस्तान भारतीय भेषज संहिता को औपचारिक रूप से मान्यता प्रदान करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है।

भारतीय भेषज संहिता (I.P.)
  • स्वास्थ्य सेवा के परिप्रेक्ष्य में औषधियों की गुणवत्ता, प्रभावकारिता तथा सुरक्षा को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
  • औषधीय उत्पादों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय भेषज संहिता आयोग द्वारा विधायी एवं वैज्ञानिक मानकों को भारतीय भेषज संहिता के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।
  • ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 की द्वितीय अनुसूची के तहत, भारतीय भेषज संहिता को भारत में बिक्री या वितरण हेतु आयातित/निर्मित औषधियों हेतु मानकों (Standards) की आधिकारिक पुस्तक (OfficialBook) के रूप में मान्यता प्राप्त है। भारतीय भेषज संहिता में औषधियों के विश्लेषण और विशिष्टताओं के आधिकारिक प्रक्रियाओं का एक संग्रह निहित है।
  • आई.पी. औषधियों की शुद्धता के लिए मानकों को निर्धारित करती है, जो अनिवार्य रूप से मनुष्य और पशुओं की स्वास्थ्य देखभाल के परिप्रेत्य से आवश्यक है।

भारतीय भेषज संहिता आयोग
  • भारतीय भेषज संहिता आयोग (Indian Pharmacopoeia Commission :IPC), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार का एक स्वायत्त संस्थान है।
  • इसका मूल कार्य नियमित रूप से इस क्षेत्र में प्रचलित रोगों के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं के मानकों को अद्यतन करना है।
  • यह भारत की राष्ट्रीय फार्मुलरी को प्रकाशित कर जेनेरिक दवाइयों के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देता है।
  • भारतीय राष्ट्रीय फार्मुलरी (N.FI) चिकित्सा व्यवसाय के सदस्यों, अस्पताल और बिक्री प्रतिष्ठानों में कार्यरत चिकित्सा छात्रों, नौ और फार्मासिस्टों के मार्गदर्शन के लिए अनिवार्य रूप से बनाई गई है।
  • ध्यातव्य है कि भारतीय भेषज संहिता आयोग एक स्वायत्त निकाय के रूप में 1 जनवरी, 2009 से पूर्णतः परिचालित हुआ था|

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