वैश्विक आतंकवाद सूचकांक, 2019।

वैश्विक आतंकवाद सूचकांक, 2019
वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 20 नवंबर, 2019 को 'द इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस' (IEP- Institute for Economics and Peace) द्वारा वैश्विक आतंकवाद सूचकांक, 2019' जारी किया गया।
  • वैश्विक आतंकवाद सूचकांक, 2019 का मुख्य विषय आतंकवाद के प्रभाव का मापन' (Measuring the Impact of Terrorism) था। रिपोर्ट का सारांश (Summary of the Report)
  • वर्ष 2019 की रिपोर्ट, प्रति वर्ष जारी किए जाने वाले वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (GTI) का सातवां संस्करण है।
  • प्रस्तुत रिपोर्ट वर्ष 1970 से 2018 के दौरान वैश्विक आतंकवाद के स्वरूप तथा उसकी कार्यपद्धति पर संक्षिप्त एवं सारगर्भित प्रकाश डालती है।

प्रमुख विदु
  • यह सूचकांक विश्व के 163 देशों में आतंकवाद के प्रभाव का अध्ययन एवं विश्लेषण करता है, जो विश्व की 99.7 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • वर्ष 2018 में लगातार चौथे वर्ष विश्व में आतंकवादी घटनाओं के कारण होने वाली मौतों में कमी दर्ज की गई है।
  • संख्या के लिहाज से वर्ष 2018 में आतंकवादी घटनाओं के कारण 15,952 मौतें हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15.2 प्रतिशत कम है।
  • आतंकी घटनाओं के कारण होने वाली मौतों में सर्वाधिक गिरावट इराक और सोमालिया में दर्ज की गई।
  • ऐसा यहां पर क्रमशः ISL तथा अल शबाब (A1-Shabab) की गतिविधियों पर अंकुश लगने के कारण हुआ है।
  • वर्ष 2002 से 2018 के मध्य आतंकवाद से होने वाली संपूर्ण मौतों का 93 प्रतिशत दक्षिण एशिया (South Asia), MENA (Middle East and NorthAfrica - मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका) और उप-सहारा अफ्रीका क्षेत्र में घटित हुई
  • वर्ष 2018 में आतंकवाद के कारण हुई संपूर्ण क्षति का पी.पी.पी. (PPP- Purchasing Power Parity - क्रय शक्ति समता) के आधार पर मूल्य 33 बिलियन डॉलर रहा, जो वर्ष 2017 के स्तर की तुलना में 38 प्रतिशत की गिरावट प्रदर्शित करता है।
  • वर्तमान में ISIL को पीछे छोड़कर तालिबान विश्व का सर्वाधिक घातक आतंकवादी समूह बन गया है।
  • तालिबान वर्ष 2018 में विश्व में आतंकी घटनाओं के कारण हुई कुल मौतों के 38 प्रतिशत के लिए उत्तरदायी रहा।

रैंकिग
  • वैश्विक आतंकवाद सूचकांक, 2019 (GTI-Global Trrorism Index, 2019) में शीर्ष दस देशों का स्थान- 
देश
स्थान
स्कोर
अफगानिस्तान
1
9.603
इराक
2
9.241
नाइजीरिया
3
8.597
सीरिया
4
8.006
पाकिस्तान
5
7.889
सोमालिया
6
7.8
भारत
7
7.518
यमन
8
7.259
फिलीपींस
9
7.137
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य
10
7.039

  • अफगानिस्तान इस सूचकांक में प्रथम स्थान पर रहा।
  • स्पष्ट है कि यह आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित राष्ट्र रहा।
  • वर्ष 2003 के बाद से यह प्रथम अवसर रहा, जब इराक को आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित देश का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ।
  • वर्ष 2018 में यहां आतंकवाद से वर्ष 2017 की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक मौतें हुई।

दक्षिण एशिया की स्थिति
  • वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2019 के अनुसार, वर्ष 2002-2018 के मध्य दक्षिण एशिया आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र रहा। . दक्षिण एशियाई देश अफगानिस्तान का इस सूचकांक में प्रथम स्थान रहा।
  • पाकिस्तान 5वें स्थान पर रहा।
  • बांग्लादेश 31वें स्थान पर रहा।
  • नेपाल तथा श्रीलंका क्रमशः 34वें तथा 55वें स्थान पर रहे।
  • भारत इस सूचकांक में सातवें स्थान पर रहा। स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद से प्रभावित शीर्ष 10 देशों में शामिल है, जो कि अत्यंत गंभीर स्थिति को सूचित करता है।

भारत के विशेष संदर्भ में
  • भारत में वर्ष 2018 के दौरान 748 आतंकी हमले हुए, जिसमें 350 लोग मारे गए।
  • वर्ष 2018 में तुलनात्मक रूप से भारत में आतंकी हमलों तथा उससे होने वाली मृत्यु में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
  • भारत में आतंकी संगठनों की कई विग्स (Wings) सक्रिय हैं; जिनमें इस्लामिस्ट, कम्यूनिस्ट तथा अलगाववादी संगठन सम्मिलित है।
  • भारत में वर्ष 2009 से अब तक आतंकवाद से होने वाली मौतों में 53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि के दौरान आतंकी हमलों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • वर्ष 2018 में आतंकवाद से होने वाली सर्वाधिक मौतों की दृष्टि से भारत विश्व में 9वें स्थान पर है।
  • जबकि इसी अवधि में हुए आतंकी हमलों की दृष्टि से भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है।

द इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (The Institute for Economics and Peace-IEP)
  • यह विश्व का एक अग्रणी थिंक टैंक है, जिसका मुख्यालय सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में है। इसकी स्थापना वर्ष 2007 में हुई।
  • IEP विश्व में शांति स्थापना के मानकों का विकास करता है।
  • इसके द्वारा जारी रिपोर्ट का उपयोग अनेक अंतरसरकारी संगठनों (Intergovernmental Organisations), सरकारों (Governments), व्यापारिक संगठनों (Business Organisations) तथा व्यक्तियों (Individuals) द्वारा शांति के लिए नीतियां बनाने में किया जाता है।
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