प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना III
वर्तमान परिप्रेक्ष्य 
  • 18 दिसंबर, 2019 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नई दिल्ली में प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तीसरे चरण (Phase-III) का शुभारंभ किया।  
  • इसका उद्देश्य अस्पतालों, स्कूलों और कृषि बाजारों (Agricultural Markets) के साथ गांवों की संयोजकता (Connectivity) को बढ़ाना है।

पृष्ठभूमि  
  • वर्ष 2018-19 के बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा PMGSYIII की घोषणा की गई थी।  
  • इससे पूर्व भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत 25 दिसंबर, 2000 को की गई थी। इसका उद्देश्य पात्र असंबद्ध बस्तियों (Unconnected Habitations) तक सभी मौसम में पहुंच को उपलब्ध कराना था।  
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एक 100 प्रतिशत केंद्र प्रायोजित योजना है।  
  • वर्ष 2013 में पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण (Phase-II) को मंजूरी प्रदान की गई थी। 

PMGSY-III का लक्ष्य  
  • पीएमजीएसवाई के चरण-III का लक्ष्य मार्गों और प्रमुख ग्रामीण लिंक (Major Rural Links) के माध्यम से 1 लाख 25 हजार किमी. लंबाई तक सड़कों का समेकन (Consolidation) करना है।
  • इसके माध्यम से ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों को बस्तियों से जोड़ा जाना है। 

लागत एवं कार्यान्वयन  
  • वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक के लिए अनुमानित लागत 80, 250 करोड़ रुपये है।  
  • इसमें केंद्र का हिस्सा 53,800 करोड़ रुपये तथा राज्य का हिस्सा 26,450 करोड़ रुपये है।  
  • केंद्र और राज्य के मध्य वित्तपोषण 60: 40 के अनुपात से होगा।  
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए वित्तपोषण का अनुपात 90 : 10 का होगा।  
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण (PMGSY-III) की अवधि वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक है। 

RCPLWEA  
  • वामपंथी अतिवाद प्रभावित क्षेत्र के लिए सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA) को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में शुरू किया गया था। 
  • 44 जिले (35 सर्वाधिक LWE प्रभावित और 9 आस-पास के जिले). जो सुरक्षा और संचार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं. में आवश्यक पुलियों और क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाओं (Cross-Drainage Structures) के साथ सभी मौसमों में संपर्क वाली सड़कों के लिए पीएमजीएसवाई के तहत एक अलग ऊर्ध्वाधर (Vertical) घटक के रूप में इसका शुभारंभ किया गया। 
  • इस योजना के तहत 5066 किमी. लंबाई की सड़कों को मंजूरी प्रदान की गई है।

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