क्या है हेलीकोप्टर मनी (What is helicopter money)


  • तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने RBI द्वारा हेलीकोप्टर मनी की अवधारणा अपनाने की बात कही 
  • उनके अनुसार क्वांटिटेटिव ईजिंग (Quantitative Easing) या हेलीकोप्टर मनी (Helicopter Money) से COVID-19 के कर्ण उत्पन्न आर्थिक संकट से निपटने में मदद मिल सकती है  

एक प्रकार का अपरम्परागत मौद्रिक निति उपकरण
(Unconventional Monetary Policy Tool)

  • इसमे किसी देश के केन्द्रीय बैंक द्वारा मुद्रा छापकर सरकार को दी जाती है जिसे सरकार आम लोगो में बाँट देती है 
  • इस धनराशी को न तो लोगो को सरकार को लौटना होता है और न ही सरकार को केन्द्रीय बैंक को लौटना होता है 
  • यह मूल रूप से एक हेलीकोप्टर द्वारा आसमान से पैसा गिराने का संकेत देता है, इसलिये इसे हेलीकोप्टर मनी कहते है 
  • अमेरिकी अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रीडमैन ने इसकी अवधारणा दी, इसे अमेरिका फेडेरल रिजर्व के पूर्व प्रमुख बेन बर्नान्के ने लोकप्रिय बनाया 

क्वांटिटेटिव ईजिंग एवं हेलीकोप्टर मनी में अंतर

  • क्वांटिटेटिव  ईजिंग (QE) भी एक प्रकार का मौद्रिक निति उपकरण है; इसमे केन्द्रीय बैंक द्वारा सरकारी Baund खरीदने के लिय मुद्रा छापी जाती है 
  • हेलीकोप्टर मनी के जरिये केन्द्रीय बैंक से लिया गया पैसा सरकार को नही लौटना पड़ता, जबकि क्वांटिटेटिव ईजिंग के तहत केन्द्रीय बैंक से लिया गया पैसा सरकार को लौटाना पड़ता है

अर्थव्यवस्था पर हेलीकोप्टर मनी के प्रभाव 

सकारात्मक प्रभाव 

  • सरकार के खर्चो को बढ़ावा मिलता है, जिससे सिस्टम में तरलता (Liquidity) बढ़ जाती है 
  • देश के आम लोगो के पास पैसा आने की वजह से अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ सकती है, जिससे अर्थव्यवस्था में सुधार आता है 

नकारात्मक प्रभाव 

  • बाजार में अचानक Liquidity बढने से हाइपरइन्फ्लेशन (Hyperinflation) जैसी स्थिति बन सकती है, जिसका अर्थ है बहुत तेजी से महंगाई बढ़ना 
  • रुपये का अवमूल्यन बहुत तेजी से हो सकता है 
  • यह अवधारणा संभावना पर आधारित है, इसमे लोगो द्वारा पैसा खर्च करने की बजाय जमा करने का डर हमेशा बना रहता है 

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