जीडीपी (GDP) क्‍या है?

जीडीपी (GDP) क्‍या है?

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सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product-GDP ) किसी भी अर्थव्यवस्था में एक वर्ष में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का अंतिम (Final) मौद्रिक मूल्य है। भारत के लिए यह एक वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक है। इसका आकलन राष्ट्रीय निजी उपभोग, सकल निवेश, सरकारी एवं व्यापार शेष (निर्यात-आयात) के योगफल द्वारा भी किया जाता है। इस विधि में देश के बाहर उत्पादित आयातों के व्यय को तथा उन देश-निर्मित वस्तुओं एवं सेवाओं का मूल्य जुड़ा होता है जिन्हें देश में नहीं बेचा गया है।

इस दृष्टिकोण में इस्तेमाल किए गए पदों को समझना आवश्यक है। अर्थव्यवस्था और वाणिज्य में ग्रास का मतलब वही होता है जो गणित में कुल का मतलब होता है। 'डोमेस्टिक' का मतलब सभी अर्थव्यवस्थाओं में किसी भी देश और उसकी पूँजी के दायरे में होने वाली आर्थिक गतिविधि है। 'प्रॉडक्ट' का मतलब सामान और सेवा है, जबकि 'फाइनल' का मतलब है कि किसी भी उत्पाद में अब वैल्यू एडिशन का मौका नहीं है।


जीडीपी के विभिन्न उपयोग निम्न हैं:

  • GDP में होने वाला वार्षिक प्रतिशत परिवर्तन ही किसी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर (Growth Rate) है। उदाहरण के लिए किसी देश की GDP 107 रुपया है और यह बीते साल से 7 रुपया ज्यादा है तो उस देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 प्रतिशत है। जब हम किसी देश की अर्थव्यवस्था को ग्रोइंग इकॉनमी कहते हैं तो मतलब यह होता है कि देश की आय परिमाणात्मक रूप से बढ़ रही है।
  • यह परिमाणात्मक दृष्टिकोण है। इसके आकार से देश की आंतरिक शक्ति का पता चलता है। लेकिन इससे देश के अंदर उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता के स्तर का पता नहीं चल पाता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की ओर से सदस्य देशों का तुलनात्मक विश्लेषण इसके आधार पर ही किया जाता है।

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