राजनीति के अपराधीकरण पर "एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (ADR) तथा “इलेक्शन वॉच' की रिपोर्ट



ADR तथा 'इलेक्शन वॉच' द्वारा वर्ष 2013 में विगत् 10 सालों यानि वर्ष 2004 के लोक सभा चुनाव के बाद के सभी चुनावों का विश्लेषण करने के बाद एक रिपोर्ट जारी की गई, रिपोर्ट के मुताबिक 62847 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण करने पर पाया गया कि तकरीबन 18% (11030) उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके खिलाफ 27027 आपराधिक मामले लम्बित थे, जबकि 8% (5253) उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके खिलाफ दुष्कर्म, हत्या, भ्रष्टाचार, उगाही एवं डकैती जैसे 13984 गम्भीर आपराधिक मामले लम्बित थे,
* रिपोर्ट के अनुसार 8.3% (5441) उम्मीदवार ऐसे थे जिनके ऊपर एक या एक से अधिक गम्भीर आपराधिक मामले दर्ज थे, जबकि 4.3% (2700) उम्मीदवार ऐसे थे, जिन पर दो या दो से अधिक गम्भीर आपराधिक मामले दर्ज थे, 152 उम्मीदवार ऐसे थे जिन पर 10 या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जबकि 14 उम्मीदवार ऐसे थे जिन पर 40 या उससे अधिक मामले तथा 5 ऐसे उम्मीदवार थे जिन पर 50 या 50 से अधिक मामले दर्ज थे.
* ADR तथा इलेक्शन वॉच द्वारा जब 10 वर्षों (वर्ष 2004-2013) के दौरान कुल विजेता 8882 उम्मीदवारों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया, तो पाया गया कि इनमें से 28:4% (2497) विजेता उम्मीदवारों के खिलाफ 9993 मामले लम्बित थे, जबकि 13:5% (1187) विजयी उम्मीदवार ऐसे थे जिन पर 4824 गम्भीर आपराधिक मामले लम्बित थे, इस दौरान आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के जीतने की दर 23% तथा गम्भीर आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के जीतने की दर भी 23% ही पाई गई, जबकि स्वच्छ व बेदाग छवि वाले उम्मीदवारों के जीतने की दर महज 12 पाई गई।
* जहाँ तक उम्मीदवारों की औसत सम्पत्ति का हिसाब है तो वर्ष 2004-2013 के दौरान चुनाव जीतने वाले विजेता उम्मीदवारों की औसत सम्पत्ति र 3.8 करोड़, दूसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवार की औसत सम्पत्ति १ 2.47 करोड़ तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवार की औसत सम्पत्ति र 2-03 करोड़ पाई गई, मगर यहाँ भी आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार, अन्य उम्मीदवारों पर भारी पड़े, क्योंकि इस दौरान आपराधिक छवि वाले विजेता की औसत सम्पत्ति र 4-27 करोड़ तथा गम्भीर किस्म के आपराधिक छवि के विजेता की औसत सम्पत्ति 4-4 करोड़ ऑकी गई।