अम्ल, क्षार और लवण (Acid, Base & Salt) क्या है ?


अम्ल, क्षार और लवण
(Acid, Base & Salt)
अम्ल : अम्ल वे पदार्थ हैं जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन देते हैं अर्थात् जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन देने वाले पदार्थ अम्ल कहलाते हैं।
अम्ल के गुण :
1. अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं।
2. अच्छे एवं प्रबल अम्ल विधुत के सुचालक होते हैं।
3. अम्ल धातु से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं।
4. ये नीले लिटमस पेपर को लाल लिटमस पेपर में परिवर्तित कर देते हैं।
उदाहरण तथा उपयोग :
सल्फ्यूरिक अम्ल : पेट्रोलियम के सोधन में विस्फोटक बनाने में तथा सीसा संचायक बैट्टियों में द्रव के रूप में इसका उपयोग किया जाता है।
नाइट्रिक अम्ल : औसषधियों के निर्माण में उर्वरक बनाने में, विस्फोटक पदार्थों के निर्माण में तथा फोटोग्राफी के साथ-साथ अम्लराज बनाने में किया जाता है।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल : इसका उपयोग अम्लराज बनाने में। (अम्लराज तीन भाग हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा एक भाग नाइट्रिक भाग का अम्ल होता है)

फार्मिक अम्ल : इसका उपयोग फलों के संरक्षण में तथा जीवाणुनाशक के रूप में किया जाता है। फार्मिक अम्ल चीटियों, बिच्छु, मधुमक्खियों आदि जन्तुओं में विषाक्त पदार्थ के रूप में कार्य करता है|
बेंजोइक अम्ल : इसका उपयोग खाद्य पदार्थों के संरक्षण में किया जाता है।

साइट्रिक अम्ल : इसका उपयोग धातुओं को साफ करने में किया जाता है जिसका मुख्य स्रोत नींबू या खट्टे फलों का रस होता हैं।

क्षार : वे पदार्थ जो जलीय विलयन में हाइड्रॉक्साइड आयन देते हैं (OH)।

क्षार के गुण :

1. ये स्वाद में कडुवे होते हैं।
2. ये लाल लिटमस पेपर को नीला कर देते हैं।
3. प्रबल क्षार विधुत का सुचालक होता है।
4. अम्ल से क्रिया करके लवण बनाते हैं।

उदाहरण :

सोडियम हाइड्रॉक्साइड : इसका उपयोग साबुन बनाने में तथा पेट्रोलियम के शुद्धिकरण में किया जाता है |

पोटैशियम हाइड्रॉक्साइडण : इसका उपयोग मुलायम साबुन बनाने में किया जाता है।

मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड : इसका उपयोग पेट की अम्लता को दूर करने में किया जाता है अर्थात् ये एन्टाएसिड के रूप में कार्य करता है।
लवण : अम्ल तथा क्षार की अभिक्रिया के फलस्वरूप लवण का निर्माण होता है जबकि दूसरा यौगिक जल बनता है।
लवणों के उपयोग :
सोडियम क्लोराइड : ये मानव आहार का आवश्यक अंग है | जो आचार के परिरक्षण तथा मांस एवं मछली के संरक्षण में प्रयोग किया जाता है।
सोडियम बाईकार्बोनेट : इसका उपयोग अग्निशामक यंत्र में किया जाता है।
सोडियम कार्बोनेट : इसका उपयोग कांच के निर्माण में, अपमार्जक के निर्माण में तथा कपड़ों की धुलाई में किया जाता है।
कॉपर सल्फेट : इसका उपयोग कीटाणुनाशक के उपयोग में किया जाता है जिसे नीला थोथा के नाम से जाना जाता है।
फिटकरी : इसे पोटाश ऐलन के नाम से जाना जाता है। इसका उपयोग जल के शुद्धिकरण में रक्त स्कंदन में तथा औषधि निर्माण में किया जाता है।
pH मूल्य (pH Value) : pH मूल्य एक संख्या होती है जो पदार्थों के अम्लीयता व क्षारीयता को प्रदर्शित करती है।

pH का मान 0 से 14 के बीच में होता है। जिन विलयनों का pH मान 7 से कम होता है वे अम्लीय होते हैं। जिन विलयनों का pH मान 7 से अधिक होता है वे क्षारीय होते हैं जिन विलयनों का pH मान 7 होता है वे उदासीन विलयन होते हैं।
pH मूल्य का उपयोग एल्कोहल, चीनी आदि उद्योग में होता है।
कुछ सामान्य पदार्थों का pH मान
पदार्थ pH मान
नींबू 22 - 24
सिरका 24 - 3.4
शराब 28 - 3.5
मानव मूत्र 6
मानव रक्त 7.4

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