काँच (Glass) |

काँच (Glass)

काँच विभिन्न क्षारीय धातुओ के सिलिकेटों का आक्रिस्टलीय मिश्रण होता है। अक्रिस्टलीय ठोस रूप में कांच एक अतिशीतित द्रव है। जिसका निर्माण तापानुशीतल (Annealing) क्रिया द्वारा किया जाता है।
  • सर्वप्रथम कांच का निर्माण प्राचीनकाल में मिश्र (Egypt) में हुआ था।
  • सोडा कांच सबसे सस्ता व सर्वनिष्ठ कांच है जिसे मृदुकांच (Soft Glass) भी कहते हैं, जिसका उपयोग ट्यूबलाइट, दैनिक प्रयोग के बर्तनों तथा प्रयोगशाला के उपकरण बनाने में किया जाता हैं।
  • जेना कांच (Xena Glass) सर्वोत्तम श्रेणी का कांच होता है। जिसका उपयोग वैज्ञानिक उपकरण तथा रासायनिक पात्रों के निर्माण में होता है।
  • फिलंट कांच (Glint Glass) का उपयोग विद्युत बल्ब, कैमरा तथा दूरबीन के लेंस बनाने में।
  • क्रुक्स कांच (Crook's Glass)- इसका उपयोग धूप चश्मों के लेंस के निर्माण में होता है।
  • क्राउन कांच (Crown Glass)- इसका उपयोग अन्य चश्मों के लेंस बनाने में किया जाता है।
  • पाइरेक्स कांच (Pyrex Glass)- इसका उपयोग प्रयोगशाला के उपकरण बनाने में होता है। इस कांच में तापीय प्रघात प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है।
  • Photo Chromatic Glass- एक विशेष प्रकार का कांच होता है, जो तीव्र प्रकाश में काला हो जाता है। ये गुण इसमें सिल्वर क्लोराइड की उपस्थिति के कारण होता है।
  • कांच को कठोर (Hard) बनाने के लिए पोटैशियम क्लोराइड का उपयोग किया जाता है।

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