खाद्य और पेय में तरल नाइट्रोजन (Liquid Nitrogen in Food and Drinks) |

सुर्खियों में क्यों -
  • गुड़गांव पब में कॉकटेल से एक आदमी के पेट में जलकर छेद होने की एक दुर्घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, हरियाणा सरकार ने हाल ही में पेय और खाद्य में तरल नाइट्रोजन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया।
  • हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया कि किसी भी भोजनालय में किसी भी पेय या खाद्य में तरल नाइट्रोजन का उपयोग पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्यवाही की जाएगी।



तरल नाइट्रोजन के विषय में -
  • तरल नाइट्रोजन (अत्यंत निम्न तापमान पर तरल अवस्था में विद्यमान नाइट्रोजन) रंगहीन होती है और उसका क्वथनांक -195.79° सेंटीग्रेड होता है। इसे बार (bars) में गिलासों को तेजी से ठंडा करने, संघटकों को हिमीकृत करने, पेयपदार्थों को धूम्रमय प्रभाव देने के लिए प्रयुक्त किया जाता है।
  • इसके न्यून तापमान के कारण, तरल नाइट्रोजन शरीर के ऊतकों के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकती है, जिसके संपर्क में आने पर फ्रॉस्टबाइट एवं निम्नताप से जल जाने जैसी घटनाएं होती हैं। इसके अतिरिक्त, यदि इसे खा लिया जाए, तो यह गम्भीर आंतरिक क्षति कर सकती है तथा मुख एवं आंत्र नाल के आंतरिक ऊतकों को नष्ट कर सकती है।
  • तरल नाइट्रोजन का विस्तार अनुपात भी 20 डिग्री सेल्सियस पर 1:694 होता है, अर्थात् 20 डिग्री सेल्सियस पर एक लीटर तरल नाइट्रोजन 694 लीटर नाइट्रोजन गैस में विस्तारित हो सकती है। यदि इसे निगल लिया जाए और यह व्यक्ति के पेट आमाशय में पहुँच जाए तो इसमें विस्फोट हो सकता है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, तरल नाइट्रोजन का उपयोग कर तैयार किए गए खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन तभी किया जाना चाहिए जब सम्पूर्ण धूम्र वाष्पित हो जाए।





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