पादप ऊतक (Plant Tissue) |



ये 2 प्रकार के होते हैं -

(i) वर्धी ऊतक (Meristmatic Tissue) : यह सबसे तेज विभाजित होने वाला ऊतक होता है। ये पौधों के शीर्ष भाग (कार्य-ऊँचाई में वृद्धि), पार्श्व भाग (कार्य- तने की मोटाई में वृद्धि) अन्तः सन्धि (Inter Calary) भाग (कार्य-शाखाओं का निर्माण) में पाये जाते हैं।
ये ऊतक हरित लवक की उपस्थिति में भोजन निर्माण का भी कार्य करते हैं।
ये भोजन-संचय (पैरनकाइमा ऊतक Parenchyma Tissue में) का भी कार्य करते हैं।

(ii) स्थाई ऊतक (Permanent Tissue): जब वर्धी ऊतक की विभाजन क्षमता समाप्त हो जाती है, तो वे स्थाई ऊतक का निर्माण करते हैं। इसका मुख्य कार्य-भोजन निर्माण, भोजन-संचय और आन्तरिक सहायता (कोशिका को मजबूती प्रदान करना) है।
जटिल ऊतक (Complex Tissue) : एक से अधिक स्थाई ऊतक के मिलने पर 'जटिल ऊतक' का निर्माण होता है।

ये 2 प्रकार के होते हैं।
(i) 'जाइलम' (Xylem) तथा (ii) 'फ्लोयम' (Phloem)।
'जाइलम' का मुख्य कार्य- जमीन से जल एवं खनिज लवण (Minerals) का अवशोषण कर पौधे के सम्पूर्ण अंग तक पहुँचाना होता है। 'फ्लोयम' का कार्य- पत्तियों द्वारा बनाये गये भोजन को पौधे की जड़ तक पहुँचाना होता है। 'जाइलम गुरुत्वाकर्षण बल के विरूद्ध तथा 'फ्लोयम' गुरुत्वाकर्षण बल की ओर कार्य करता है।

  • लिगामेन्ट (स्नायू ऊतक) ये एक अस्थि को दूसरी अस्थि से जोड़ता है।
  • टेन्डन (कान्ड्रा ऊतक) मांसपेशियों को अस्थियों से जोड़ता है।
  • 'तन्त्रिका ऊतक' (Nervous Tissue) की इकाई है ? - 'न्यूरान' (Neuron)।
  • तन्त्रिका ऊतक संवेदनाओं का मस्तिष्क तक सम्प्रेषण किसके माध्यम से करता है ? -'न्यूरान्स'
  • पत्तियों द्वारा बनाये गये भोजन को जड़ तक पहुँचाने का कार्य कौन करता है ? -फ्लोयम (Phloem)।
  • तन्त्रिका ऊतक में संवेदनाओं का चालन किस रूप में होता है ? - केमिको मैग्नेटिव वेव।
  • जमीन से जल एवं खनिज लवण को अवशोषित कर पौधों के सम्पूर्ण अंगों तक पहुँचाने का कार्य कौनसा ऊतक करता है ? -जाइलम (Xylem)|