सुजननिकी क्या है? (what is Eugenics?)।

मेंडल के नियमों तथा आनुवंशिकता के सिद्धान्तों की सहायता से मानव जाति की भावी पीढ़ियों को सुधारने तथा उनके स्तर को ऊँचा उठाने के अध्ययन को 'सुजननिकी' कहते हैं। इसके जनक सर फ्रांसिस गाल्टन हैं। अनावश्यक, हानिकारक गुणों को समाप्त करने के लिए 'जीन प्रौद्योगिकी (Genetic Engineering) की सहायता ली जाती है। इसके अन्तर्गत क्लोनिंग (Cloning) एवं 'डी.एन.ए. रिकाम्बिनेन्ट तकनीकी (DNA Recombinant Technique) का प्रयोग किया जाता है।
'क्लोनिंग' जनन का एक ऐसा तरीका है जिस में जनन अंग (Sex Organ) की आवश्यकता नहीं होती। इस तकनीकी में किसी एक जीव के केन्द्रक (Nucleus) को किसी दूसरे जीव के केन्द्रक को हटाकर उसके स्थान पर स्थानानतरित किया जाता है। इसमें जिस जीव का केन्द्रक प्रत्यस्थापित किया जाता है, अगली संतान उसी जीव गुण वाली होती है।
जब किसी जीव के 'गुण सुत्र' को 'रेस्ट्रिक्शन एन्जाइम' (Restriction Enzyme) से विभाजित कर वैसे ही जीव का अलग गुणसूत्र जोड़ा जाता है, जिससे जीव के गुण सूत्र पर जीन की व्यवस्था बदल जाती है और नये गुण प्रकट होते हैं, अथवा अनावश्यक गुण हटाये जाते हैं। तो इस विधि को DNA Recombinant Technique कहते हैं। इसका उपयोग इन्टर फेरान, इन्सुलीन और हार्मोन्स के बनाने में किया जाता है।

क्लोन (Clone) : जब दो कोशिकाओं की जीन संरचना एक दूसरे के समान होती है तो उन्हें परस्पर क्लोन कहा जाता है
1997 ई. में इयान विल्मुट नामक वैज्ञानिक ने 'डौली भेंड का क्लोन नाभिकीय स्थानांतरण विधि के विकसित किए।