संतुलित आहार (Balance Diet)।


संतुलित आहार (Balance Diet) -
भोज्य पदार्थों के वे सभी आवश्यक अवयव, जो मनुष्य की शारीरिक क्षमता एवं कार्यकीय सक्रियता' (Physiological Activities) को अक्षुण्ण रखने तथा उनमें अभिवृद्धि हेतु आवश्यक होते हैं, संतुलित आहार कहलाते हैं।
संतुलित आहार के मुख्य 6 अंग हैं -
कार्य के आधार पर इन्हें 3 वर्गों में विभाजित किया गया है।

  1. शरीर निर्माणकारी उदाहरण- प्रोटीन
  2. ऊर्जा उत्पादक उदाहरण- कार्बोहाइड्रेट तथा वसा
  3. शरीर- नियन्त्रक (उपापचयी नियन्त्रक)

उदाहरण- खनिज लवण तथा विटामिन

प्रोटीन- यह कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, लोहा तथा ताँबा का बना होता है। ये (प्रोटीन) जीव द्रव्य (Protoplasm) के प्रमुख आवश्यक अवयव हैं। ये 'अमीनों अम्ल (प्रोटीन की इकाई) से निर्मित होते हैं।
इनका मुख्य कार्य शरीर में वृद्धि, जीव द्रव्य की उत्पत्ति तथा टूटे-फूटे ऊतकों (Tissues) की मरम्मत करना है। हमारे शरीर के लिए कुल 20 'अमीनों अम्ल की आवश्यकता होती है, जिनमें 10 अमीनों अम्ल का निर्माण शरीर के अन्दर स्वतः होता है, जो गैर-आवश्यक (Non Essential) अमीनों अम्ल कहलाते हैं तथा अन्य 10 भोजन के माध्यम से प्रापत होते हैं जो 'आवश्यक' (Essential) अमीनों अम्ल कहलाते हैं।
अण्डे और "सीरम' में- 'अल्ब्यूमीन' प्रोटीन, रक्त में- 'ग्लोबीन' प्रोटीन, दूध में- 'केसीन, बालों एवं सींगों में- 'किरैटीन, गेहूँ में- 'ग्लाइएडीन, अकशेरूक जन्तुओं के रक्त में– 'हीमोसाइनीन' प्रोटीन पाया जाता है।
01 ग्राम प्रोटीन का पूर्ण ऑक्सीकरण होने पर 4.1 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। हमारे शरीर के लिए कुल आवश्यक ऊर्जा का 15% भाग प्रोटीन से प्राप्त होता है।
प्रोटीन के स्रोत- अण्डा, सोयाबीन, मांस, मछली, दालें इत्यादि हैं। इनमें- सोयाबीन में 43.2%, मांस में 21.4%, गेहूँ में- 12.1%, मछली में 16.6%, अण्डा में 13%, प्राप्त होता है। प्रोटीन की कमी से- मैरेमस और क्वासर कोर रोग हो जाते

वसा (Fat)- वसा- कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बने होते हैं। इनमें ऑक्सीजन का अनुपात हाइड्रोजन की अपेक्षा कम होता है, इसलिए ऑक्सीकरण पर प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की अपेक्षा अधिक ऊर्जा (दो-गुनी) प्राप्त होती है। (हाइड्रोजन का कैलोरिक मूल्य अधिक होता है।) वसा के ऑक्सीकरण पर वसीय अम्ल और ग्लिसराल नामक 2 उत्पाद प्राप्त होते हैं। वसा का संचय वसा-ऊतकों (Adipose Tissue) में होता है। 1 ग्राम वसा के ऑक्सीकरण से लगभग 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। हमारे शरीर के लिए आवश्यक ऊर्जा का 35% भाग ‘वसा से प्राप्त होता है। वनस्पति तेल, बादाम, मांस, घी, वसा के मुख्य स्रोत हैं। बादाम में- 58.9%, मूंगफली में- 40%, सोयाबीन में- 19.5%, चना में 5.6%, मछली में- 1.4%, वसा होती है।

कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate)- यह कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन से मिलकर बना होता है। इसमें हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन का अनुपात 2 : 1 होता है। काइटीन कार्बोहाइड्रेट में नाइट्रोजन भी पाया जाता है।
कार्बोहाइड्रेट के प्रमुख स्रोत हैं- गेहूँ, चावल, केला, गन्ना, आदि। गेहूँ में- 79.2%, चावल में- 78.2%, केला में- 20, चना में- 59.8%, मूंगफली में46.1% कार्बोहाइड्रेट होता है।

कार्बोहाइड्रेट 3 प्रकार के होते हैं-

(1) मोनोसैकराइड्स- ये अंगूर, शहद और दूध से प्राप्त होते हैं। अंगूर की शर्करा को 'ग्लूकोज', शहद की शर्करा को फ्रक्टोज। फ्रक्टोज को फलों की शर्करा कहा जाता है। फ्रक्टोज सबसे मोटी प्राकृतिक शर्करा है। सैक्रीन सबसे मीठी कृत्रिम शर्करा होती है जिसका उपयोग मधुमेह के रोगी करते हैं।

(2) डाइसैकराइड्स- ये 2 मोनोसैकराइड्स अणुओं के मिलने से बनते हैं। ये दूध, मीठे फल, गाजर, गन्ना, चुकन्दर इत्यादि में पाये जाते हैं। दूध की शर्करा को- लैक्टोज, (ग्लूकोज और गैलक्टोज के संयुक्त होने से), गन्ने की शर्करा को सुक्रोज (सबसे मीठा), (ग्लूकोज और फ्रक्टोज के मिलने से) कहते हैं। दूध की शर्करा लैक्टोज को कहते हैं।

(3) पाली सैकराइड्स (Polysaccharides)- ये जटिल कार्बोहाइड्रेट होते हैं। (कई मोनो सैक्रराइड्स अणुओं के मिलने से) और जल में अघुलनशील (Nonsolible) होते हैं। ये वनस्पतियों से प्राप्त होते हैं। आलू एवं अनाज की शर्करा को मंड (Starch), कोशिका भित्ति की शर्करा को सैलुलोज, मनुष्य में संचित शर्करा को ग्लाइकोजन कहते हैं। ग्लाइकोजन यकृत (Liver) में संचित होते हैं। Chitin कुछ जन्तुओं के वाय कंकाल के निर्माण में सहायक होता है जैसे- घोंघा, सिपी. आदि। Chitin की कठोरता का कारण इसके रासायनिक संगठन में कैल्शियम कार्बोबोनेट यौगिक पाया जाता है।
  • ग्राम कार्बोहाइड्रेट से 4.1 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। शरीर के लिए आवश्यक कुल ऊर्जा का 50% भाग कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त होता है।
  • मधुमक्खियों पुष्प का पराग (अर्थात् सुक्रोज) चूस कर इसे शहद (अर्थात् फ्रक्टोज) में रूपान्तरित कर देती है।