खाद्य शृंखला (Food Chain)।

खाद्य शृंखला (Food Chain)
पारितंत्र के भीतर विभिन्न जीवों में पोषण स्तर के माध्यम से संबंध होता है अर्थात् प्रत्येक जीव किसी अन्य जीव का भोजन बन जाता है। एक-दूसरे को खाने वाले जीवों का अनुक्रमण एक खाद्य श्रृंखला (Food Chain) बनाता है।


कुछ प्राणी केवल एक ही प्रकार का आहार करते हैं और इसलिये वे एक ही खाद्य श्रृंखला के सदस्य होते हैं। अन्य प्राणी अलग-अलग प्रकार के आहार करते हैं इसलिये वे न केवल विभिन्न खाद्य-शृंखलाओं के सदस्य होते हैं वरन् अलग-अलग खाद्य श्रृंखलाओं में उनके स्थान यानी पोषण स्तर भी अलग-अलग हो सकते हैं।

खाद्य श्रृंखला के प्रकार (Types of Food Chain)

1. चारण खाद्य श्रृंखला (Grazing Food Chain)
उपभोक्ता जो भोजन के रूप में पौधों अथवा पौधों के भागों का उपयोग करके श्रृंखला आरम्भ करते हैं, चारण खाद्य श्रृंखला का निर्माण करते हैं।
उदाहरणः घास → टिड्डा → पक्षीगण → बाज

2. अपरद खाद्य श्रृंखला (Detritus Food Chain)
यह खाद्य श्रृंखला क्षय होते प्राणियों एवं पादप शरीर के मृत जैविक पदार्थों से आरम्भ होकर सूक्ष्मजीवों में तथा सूक्ष्मजीवों से अपरद खाने वाले जीवों एवं अन्य परभक्षियों में पहुँचती है।
उदाहरणार्थ- कचरा → स्प्रिंगटेल (कीट) → छोटी मकड़ियाँ (मांसभक्षी)
एक उथले समुद्र के जीवों के समुदाय में सम्पूर्ण ऊर्जा का लगभग 80% भाग अपरद शृंखलाओं में प्रवाहित होता है।

पोषण स्तर
चारागाह बायोम
तालाब बायोम
सागर बायोम
प्राथमिक उत्पादक
घास
शैवाल
पादप प्लवक
प्राथमिक उपभोक्ता
टिड्डा
मच्छर लार्वा
प्राणीमन्दप्लवक
द्वितीयक  उपभोक्ता
चूहा
ड्रैगनफ्लाई लार्वा
मछली
तृतीयक उपभोक्ता
साँप
मछली
सील
चतुर्थक उपभोक्ता
बाज
रेकून
सफेद शाक