अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) | हार्मोन एवं कार्य | भाग

अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland)


अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) : इस ग्रंथि के दो भाग होते हैं-
  • बाहरी भाग कॉर्टेक्स (Cortex)
  • अंदरुनी भाग मेडुला (Medulla)

कॉर्टेक्स से निकलने वाला हार्मोन एवं कार्य :
  • ग्लूकोकॉर्टिक्वाइड्स (Glucocorticoids) कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन एवं वसा उपापचय को नियंत्रण करता है।
  • मिनरलोकॉर्टिक्वायड्स (Mineralocorticoids) का मुख्य कार्य वृक्क नलिकाओं द्वारा लवण के पुनः अवशोषण एवं शरीर में अन्य लवणों की मात्राओं का नियंत्रण करना है।
  • लिंग हार्मोन (Sex hromone) बाह्य लिंगों बालों के आने का प्रतिमान एवं यौन आचरण को नियंत्रित करता है।
  • कॉर्टेक्स (Cortex) को शरीर से बिल्कुल निकाल दिया जाए तो मनुष्य केवल एक या दो सप्ताह ही जीवित रह सकेगा।
  • कॉर्टेक्स के विकृत हो जाने पर उपापचयी प्रक्रमों में गड़बड़ी उत्पन्न हो जाती है, इस रोग को एडीसन रोग (Addison's disease) कहते हैं।

मेडूला (Medulla) द्वारा स्त्रावित हार्मोन एवं कार्य

  • एपिनेफ्रीन (Epinephrine) एक एमीनो अम्ल है।
  • नॉरएपिनेफ्रीन (Norepinephrine) भी एमीनो अम्ल है।
  • उपर्युक्त दोनों हार्मोन हृदयपेशियों की उत्तेजनशीलता एवं संकुचनशीलता में वृद्धि करते हैं। फलस्वरूप रक्तचाप बढ़ जाता है।
  • अधिवृक्क ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन को लड़ो एवं उड़ो (fight and fighth) हार्मोन कहा जाता है।
  • उत्तेजना के समय ऐड्रिनेलिन हार्मोन अधिक मात्रा में उत्सर्जित होता है। (क्रोध, भय एवं खतरे के समय सक्रिय होता है।)
  • एपिनेफ्रीन हृदय स्पंदन एकाएक रुक जाने पर उसे पुन: चालू करने में सहायक होता है।

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